
अमेरिका में एक और इंडियन स्टूडेंट का मिला शव, हफ्तेभर में तीसरे भारतीय की मौत
AajTak
अमेरिका में बीते एक हफ्ते में भारतीय छात्र की मौत का यह तीसरा मामला है. इससे पहले अमेरिका के जॉर्जिया में हथौड़े से मार-मारकर एक भारतीय छात्र की हत्या कर दी थी. उससे पहले यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे 18 साल के एक इंडियन स्टूडेंट भी मृत पाया गया था.
अमेरिका में एक और भारतीय छात्र का शव मिला है. पुलिस ने छात्र का शव अमेरिका के सिनसिनाटी से बरामद किया है. अभी मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है. मामले की जांच जारी है.
अमेरिका में बीते एक हफ्ते में भारतीय छात्र की मौत का यह तीसरा मामला है. इससे पहले अमेरिका के जॉर्जिया में हथौड़े से मार-मारकर एक भारतीय छात्र की हत्या कर दी थी. भारतीय छात्र विवेक सैनी (25) हरियाणा के पंचकुला का रहने वाला था. हमलावर ने विवेक के सिर पर 50 बार हथौड़े से वार किया गया. आरोपी की पहचान जुलियन फॉकनर के तौर पर हुई थी.
विवेक सैनी 26 जनवरी को भारत में छुट्टी के दौरान अपने घर आना था. बरवाला खंड के गांव भगवानपुर से अमेरिका में एमबीए की पढ़ाई करने गया था. इस घटना से बरवाला व पूरे गांव में शोक की लहर है. मृतक के परिजन सरकार से उसके शव को भारत लाने की गुहार लगा रहे हैं.
वहीं, अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे 18 वर्षीय अकुल धवन भी मृत पाए गए हैं. अकुल के माता-पिता ने बेटे की मौत को लेकर यूनिवर्सिटी पर सवाल उठाए हैं. अकुल का शव इलिनोइस के शैंपेन में यूनिवर्सिटी कैंपस के पास मिला था.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.








