
अमेरिका ने कोलंबियाई राष्ट्रपति का वीजा किया रद्द, फिलिस्तीन समर्थक रैली में ट्रंप को दी थी चुनौती
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अमेरिका ने कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो का वीजा रद्द कर दिया है. पेत्रो ने न्यूयॉर्क में फिलिस्तीन समर्थक रैली में अमेरिकी सैनिकों से ट्रंप के आदेश न मानने और फिलिस्तीन की आजादी के लिए वैश्विक बल बनाने की अपील की थी. अमेरिका ने उनकी कार्रवाइयों को
अमेरिका ने कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो का वीजा रद्द करने की घोषणा की है. पेत्रो ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में एक प्रो-फिलिस्तीन रैली में हिस्सा लिया और अमेरिकी सैनिकों से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश न मानने की अपील की. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने X पर पोस्ट कर कहा कि पेत्रो की "गैरज़िम्मेदार और भड़काऊ कार्रवाइयों" के चलते यह कदम उठाया गया है.
यूएन मुख्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पेत्रो ने कहा कि फ़िलिस्तीनियों को आजाद कराने के लिए एक वैश्विक सशस्त्र बल बनना चाहिए, जो अमेरिका से भी बड़ा हो. उन्होंने अमेरिकी सैनिकों से अपील की, "ट्रंप के आदेश मत मानो, इंसानियत के आदेश मानो."
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पेत्रो, जो कोलंबिया के पहले वामपंथी राष्ट्रपति हैं, लंबे समय से गाजा युद्ध में इजराल और अमेरिका के रुख के आलोचक रहे हैं. इस हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान भी उन्होंने ट्रंप पर गाजा में "नरसंहार का सहयोगी" होने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिकी मिसाइल हमलों के लिए आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए.
नेतन्याहू ने फिलिस्तीन को मान्यता देने पर क्या कहा?
दूसरी ओर, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को महासभा में पश्चिमी देशों पर निशाना साधा और कहा कि फिलिस्तीन को मान्यता देना "आतंकवाद को बढ़ावा" देने जैसा है.

कोलंबिया में एक विमान क्रैश हो गया, हादसे में मरने वालों की संख्या 66 हो गई है. कोलंबिया वायुसेना का विमान हरक्यूलिस सी-130 विमान रनवे से उड़ान भरते समय क्रैश कर गया. कोलंबियाई वायु सेना के विमान हादसे के बाद तुरंत बचावकर्मी मौके पर पहुंचे और अभियान शुरू किया. जानकारी के मुताबिक विमान में 125 लोग सवार थे.

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

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युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.








