
अमेरिका के एक फैसले से झल्लाया चीन! रॉकेट-मिसाइल लेकर पहुंच गया दुश्मन द्वीप के पास, अब क्या करने वाला है?
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चीन ने ताइवान के चारों ओर बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास शुरू किया है जिसमें रॉकेट दागे गए और लाइव-फायरिंग अभ्यास शामिल है. चीन ने यह ड्रीलिंग अमेरिका के उस फैसले के जवाब में शुरू की है जिसमें अमेरिका ने ताइवान को रिकॉर्ड कीमत के हथियार देने की घोषणा की है.
चीन ने ताइवान के खिलाफ अपने वॉर गेम की शुरुआत कर दी है. सोमवार को उसने ताइवान को चारों तरफ से घेरकर एक बड़े युद्धाभ्यास की शुरुआत की और अब खबर है कि मंगलवार को चीन ने ताइवान की तरफ रॉकेट दागे हैं. चीन ने ताइवान के चारों तरफ बमवर्षक विमानों और युद्धपोतों के साथ नए जहाज तैनात किए हैं जो जल और थल दोनों से हमले कर सकते हैं.
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के पांच कमांड्स में से एक द ईस्टर्न थियेटर कमांड ने कहा कि ताइवान के आसपास और चीनी तट के पास पांच स्थानों के समुद्र और हवाई क्षेत्र में शाम 6 बजे तक लाइव-फायरिंग होगी. इस दौरान नौसेना और वायुसेना की यूनिट्स समुद्री और हवाई टार्गेट्स पर हमले के अभ्यास के साथ-साथ एंटी-सबमरीन ऑपरेशन का अभ्यास कर रही हैं जो ताइवान के उत्तर और दक्षिण दोनों दिशाओं में हो रहा है.
‘जस्टिस मिशन 2025’ नाम से शुरू हुए चीन के ये ड्रिल अमेरिका के ताइवान को रिकॉर्ड कीमत के हथियार देने की घोषणा के 11 दिन बाद शुरू हुए हैं. अमेरिका ने ताइवान को 11.1 अरब डॉलर के हथियार पैकेज की घोषणा की है. कुल क्षेत्रफल और द्वीप के करीब होने के लिहाज से ये अब तक के सबसे बड़े चीनी सैन्य अभ्यास बताए जा रहे हैं. चीन के समुद्री सुरक्षा प्रशासन ने सोमवार को लाइव-फायरिंग के लिए दो अतिरिक्त क्षेत्रों को भी ड्रिल में जोड़ा था.
ताइवान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि ताइवान इस बात पर नजर रखे हुए है कि 2022 के बाद युद्धाभ्यास के इस छठे बड़े दौर में क्या चीन ताइवान के ऊपर से मिसाइलें भी दागेगा. उस साल तत्कालीन अमेरिका हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने ताइवान का दौरा किया था जिससे नाराज चीन ने ताइवान के पास युद्धाभ्यास किया था.
सूत्र के मुताबिक, चीन इन ड्रिल्स के जरिए जमीनी टार्गेट्स पर हमले का अभ्यास भी कर रहा है, जिनमें अमेरिका में बने HIMARS रॉकेट सिस्टम जैसे टार्गेट शामिल हो सकते हैं, जिसकी मारक क्षमता करीब 300 किलोमीटर है और जो दक्षिणी चीन के तटीय इलाकों तक पहुंच सकता है.
ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने फेसबुक पर पोस्ट में कहा कि चीन जैसे वर्ल्ड पावर से इस तरह के गैर जिम्मेदार आचरण की उम्मीद नहीं की जाती. उन्होंने कहा कि अग्रिम मोर्चों पर तैनात सैनिक ताइवान की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन ऐसा करके ताइवान स्थिति को और भड़काना नहीं चाहता.

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