
अमेरिका की वॉर्निंग के बाद नेतन्याहू की दो टूक, बोले- राफा में उतारेंगे सेना, हमास का सफाया करके लेंगे दम
AajTak
इजरायली पीएम नेतन्याहू का ये बयान ऐसे समय पर आया है, जब यूरोपीय संघ के नेताओं ने इजरायल से अनुरोध किया है कि वे राफा में अपना ग्राउंड ऑपरेशन शुरू नहीं करें. यूरोपीय काउंसिल ने इजरायली सरकार से राफा में ग्राउंड ऑपरेशन से दूर रहने को कहा है, जहां लाखों फिलिस्तीनी नागरिक पनाह लिए हुए हैं और उन्हें मानवीय सहायता मिल रही है.
इजरायल और हमास के बीच बीते कई महीनों से जंग जारी है. गाजा में लगातार बमबारी जारी है. ऐसे में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी गाजापट्टी के राफा शहर में सैन्य कार्रवाई का ऐलान किया है.
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल की सेना राफा में सेना उतारकर हमास का सफाया करेगी. हालांकि, अमेरिका सहित कई वैश्विक देश इजरायल पर दबाव बना रहे हैं कि वे राफा से दूरी बनाए रखें.
बता दें कि राफा को अपेक्षाकृत सबसे सुरक्षित क्षेत्र माना जा रहा है, जहां 15 लाख लोगों ने शरण ली है. नेतन्याहू ने वॉशिंगटन में फिलिस्तीन समर्थित एआईपीएसी संगठन की कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हम नागरिक आबादी को बिना नुकसान पहुंचाए राफा में प्रवेश करेंगे.
नेतन्याहू का ये बयान ऐसे समय पर आया है, जब यूरोपीय संघ के नेताओं ने इजरायल से अनुरोध किया है कि वे राफा में अपना ग्राउंड ऑपरेशन शुरू नहीं करें. यूरोपीय काउंसिल ने इजरायली सरकार से राफा में ग्राउंड ऑपरेशन से दूर रहने को कहा है, जहां लाखों फिलिस्तीनी नागरिक पनाह लिए हुए हैं और उन्हें मानवीय सहायता मिल रही है.
बता दें कि बीते हफ्ते ही अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने नेतन्याहू को चेतावनी दी थी कि वो रेड लाइन क्रॉस नहीं करें और राफा पर हमले का इरादा छोड़ दें.
इजरायल में कहां हुआ हमला?

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.

डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं. उनका मानना है कि डेनमार्क के अधीन आने वाला यह अर्द्ध स्वायत्त देश अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है. इसे पाने के लिए वे सैन्य जोर भी लगा सकते हैं. इधर ग्रीनलैंड के पास सेना के नाम पर डेनिश मिलिट्री है. साथ ही बर्फीले इलाके हैं, जहां आम सैनिक नहीं पहुंच सकते.

गुरु गोलवलकर मानते थे कि चीन स्वभाव से विस्तारवादी है और निकट भविष्य में चीन द्वारा भारत पर आक्रमण करने की पूरी संभावना है. उन्होंने भारत सरकार को हमेशा याद दिलाया कि चीन से सतर्क रहने की जरूरत है. लेकिन गोलवलकर जब जब तिब्बत की याद दिलाते थे उन्हों 'उन्मादी' कह दिया जाता था. RSS के 100 सालों के सफर की 100 कहानियों की कड़ी में आज पेश है यही कहानी.

यूरोपीय संघ के राजदूतों ने रविवार यानि 18 जनवरी को बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में आपात बैठक की. यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के बाद बुलाई गई. जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर कई यूरोपीय देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की बात कही है. जर्मनी और फ्रांस सहित यूरोपीय संध के प्रमुख देशों ने ट्रंप की इस धमकी की कड़ी निंदा की है.

दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध जैसी स्थिति बनने की आशंका बढ़ रही है. अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय नीतियां विवादों में हैं, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की तुलना हिटलर की तानाशाही से की जा रही है. वेनेज़ुएला पर हमला करने और ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने की धमकी के बाद अमेरिका ने यूरोप के आठ NATO देशों पर टैरिफ लगाया है.








