
अब तक 70...! WHO सबसे ताजा... 1 साल में इतने इंटरनेशनल संस्थाओं से ट्रंप का हो चुका ब्रेकअप
AajTak
अमेरिका ने WHO से औपचारिक रूप से अलग होने की प्रक्रिया पूरी कर ली है. इसी के साथ ट्रंप प्रशासन लगभग 70 अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और समझौतों से अमेरिका को दूर कर चुका है, जिनमें 31 UN संस्थाएं, 35 गैर-UN संगठन, WHO और पेरिस जलवायु समझौता शामिल हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि WHO से अलग होने से वैश्विक स्तर पर नई बीमारियों से निपटने की क्षमता प्रभावित होगी. साथ ही अमेरिकी वैज्ञानिकों व दवा कंपनियों के लिए नए टीके और दवाएं विकसित करना कठिन होगा.
अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से औपचारिक रूप से अलग होने की प्रक्रिया पूरी कर ली है. संघीय अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले दिन इस 78 साल पुरानी सदस्यता को खत्म करने का ऐलान किया था, और अब यह फैसला पूरी तरह लागू हो गया है. हालांकि, यह अलगाव पूरी तरह साफ नहीं माना जा रहा है. इसी के साथ अपने दूसरे कार्यकाल के पहले साल में ट्रंप लगभग 70 ग्लोबल संस्थाओं या अंतरराष्ट्रीय समझौतों से नाता तोड़ चुके हैं.
बीमारियों से निपटने की क्षमता पर पड़ेगा असर
WHO के मुताबिक अमेरिका पर अभी भी संगठन के 130 मिलियन डॉलर से ज्यादा बकाया हैं. ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने भी माना है कि कई अहम मुद्दे अभी सुलझे नहीं हैं, जैसे अन्य देशों से मिलने वाला हेल्थ डेटा, जिससे अमेरिका को किसी नई महामारी की शुरुआती चेतावनी मिल सकती थी.
विशेषज्ञों का कहना है कि WHO से बाहर निकलने का असर वैश्विक स्तर पर नई बीमारियों से निपटने की क्षमता पर पड़ेगा और इससे अमेरिकी वैज्ञानिकों व दवा कंपनियों के लिए नए टीके और दवाएं विकसित करना भी मुश्किल हो जाएगा. जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के पब्लिक हेल्थ लॉ एक्सपर्ट लॉरेंस गोस्टिन ने इसे 'अपने जीवनकाल का सबसे विनाशकारी राष्ट्रपति फैसला' बताया है.
अमेरिका से WHO को मिलती है बड़ी फंडिंग
WHO संयुक्त राष्ट्र की विशेष स्वास्थ्य एजेंसी है, जो एमपॉक्स, इबोला और पोलियो जैसी बीमारियों से निपटने के वैश्विक प्रयासों का कोऑर्डिनेशन करती है. यह गरीब देशों को तकनीकी सहायता देती है, वैक्सीन और दवाओं के वितरण में मदद करती है और मानसिक स्वास्थ्य व कैंसर समेत सैकड़ों बीमारियों के लिए दिशानिर्देश तय करती है.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मिडिल ईस्ट वॉर से भी पहले से जंग चल रही है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार टीटीपी जैसे आतंकी समूहों को पनाह दे रही है जो पाकिस्तान में हमले करते हैं. लेकिन तालिबान ने इन आरोपों को खारिज किया है. दोनों देशों का झगड़ना चीन के हितों के खिलाफ जा रहा है जिसे देखते हुए उसने एक प्रस्ताव रखा था. पाकिस्तान ने सामने से उसे खारिज कर दिया है.

भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिना भारतीय दूतावास की अनुमति और संपर्क के किसी भी जमीनी सीमा को पार करने की कोशिश न करें. दूतावास ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर लोगों को गंभीर लॉजिस्टिक और इमीग्रेशन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. यह सलाह अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच जारी की गई है. दूतावास ने भारतीयों से आधिकारिक संपर्क में रहने और हेल्पलाइन नंबरों पर मदद लेने की अपील की है. दूतावास ने कहा, 'हमें बताए बिना ईरान न छोड़ें'. दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 17वां दिन है. हर दिन बीतने के साथ ये जंग और भीषण होती जा रही है क्योंकि अब अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान ने एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. 28 फरवरी से चल रहे युद्ध में ईरान ने पहली बार अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक सेजिल से इजरायल को टारगेट किया है. सेजिल मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है, इसी वजह से इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. ईरान की ओर से सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल होने से युद्ध में और तेजी आने का साफ संकेत मिल रहा है.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के शहर तेल अवीव पर मिसाइल हमला हुआ है. सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज में वो पल कैद हुआ है जब ईरान की मिसाइल तेल अवीव की एक सड़क पर आकर गिरती दिखाई देती है. इज़रायल पुलिस के मुताबिक इस हमले में क्लस्टर वारहेड का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छोटे बम अलग-अलग जगहों पर गिरकर फटे और आसपास के कई इलाकों को नुकसान पहुंचा. देखें वीडियो.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.








