
'अब और नहीं...', ब्रिटेन में बंद होंगे Asylum hotels, बढ़ेगी शरणार्थियों की मुसीबत
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ब्रिटेन सरकार ने इमिग्रेशन नियम सख्त करते हुए सरकारी फंड से चलने वाले शरणार्थी होटलों को धीरे-धीरे बंद करने की योजना बनाई है. होम ऑफिस के मुताबिक यह कदम अवैध प्रवासन रोकने और टैक्सपेयर्स पर बढ़ते खर्च को कम करने के लिए उठाया जा रहा है. सरकार ने चेतावनी दी है कि कानून तोड़ने वाले शरणार्थियों से रहने की सुविधा और आर्थिक मदद वापस ले ली जाएगी.
ब्रिटेन सरकार ने इमिग्रेशन नियमों को सख्त करने और शरण लेने वालों की संख्या कम करने के तहत सरकारी फंड से चलने वाले शरणार्थी होटलों (Asylum hotels) को धीरे-धीरे बंद करने की योजना का ऐलान किया है. यूके होम ऑफिस ने सोमवार को कहा कि यह कदम अवैध प्रवासन को रोकने के लिए किए जा रहे सुधारों का हिस्सा है.
एक्स पर जारी बयान में होम ऑफिस ने दावा किया कि कुछ प्रवासी जानबूझकर सुरक्षित यूरोपीय देशों से होकर ब्रिटेन पहुंचते हैं, क्योंकि उन्हें यहां की शरण व्यवस्था अपेक्षाकृत उदार लगती है. होम ऑफिस ने कहा कि कानून तोड़ने वाले शरणार्थियों से रहने की सुविधा और आर्थिक मदद वापस ले ली जाएगी.
'बस... अब और नहीं!'
विभाग ने कहा, 'अब और नहीं. हम शरणार्थी होटल बंद कर रहे हैं और जो लोग कानून तोड़ेंगे, उनसे मिलने वाली मदद वापस ले ली जाएगी.' सरकारी अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था टैक्सपेयर्स पर भारी आर्थिक बोझ डाल रही है. शरण से जुड़ी अर्जियों पर फैसला होने तक हजारों लोगों को होटलों में रखा जा रहा है, जिस पर काफी खर्च हो रहा है. सरकार को बढ़ती आवास लागत और मामलों के निपटारे में हो रही देरी को लेकर आलोचना का सामना भी करना पड़ा है.
भाषा से जुड़े नए नियम
यह फैसला हाल के महीनों में लागू किए गए सख्त इमिग्रेशन उपायों की कड़ी का हिस्सा है. इनमें प्रवासियों के लिए अंग्रेजी भाषा से जुड़े नए और कड़े नियम भी शामिल हैं. नवंबर में घोषित नीति के तहत नाइजीरिया समेत अन्य देशों से आने वाले प्रवासियों को ब्रिटिश सोसाइटी में पूरी तरह शामिल होने से पहले बेहतर अंग्रेजी भाषा कौशल साबित करना होगा.

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