
अब अफगानिस्तान पर रार! ट्रंप के बयान पर बिफरे UK पीएम, बोले- ये अपमानजनक और शर्मनाक
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दावोस में एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि अफगानिस्तान में नाटो की सेनाएं फ्रंटलाइन से दूर रहीं और उन्होंने अमेरिका के लिए कोई खास भूमिका नहीं निभाई. स्टार्मर ने ट्रंप के बयान को अपमानजनक और स्पष्ट रूप से शर्मनाक करार देते हुए कहा कि इससे उन परिवारों को गहरा दुख पहुंचा है जिन्होंने देश के लिए अपने प्रियजनों को खोया है.
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अफगानिस्तान में नाटो की भूमिका पर की गई टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की. स्टार्मर ने ट्रंप के बयान को अपमानजनक और स्पष्ट रूप से शर्मनाक करार देते हुए कहा कि इससे उन परिवारों को गहरा दुख पहुंचा है जिन्होंने देश के लिए अपने प्रियजनों को खोया है.
वहीं प्रिंस हैरी ने भी ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया दी है. AP की रिपोर्ट के अनुसार, प्रिंस हैरी ने कहा है कि अफगानिस्तान में ब्रिटिश सैनिकों के बलिदानों के बारे में सच्चाई से और सम्मान के साथ बात की जानी चाहिए.
दरअसल, दावोस में फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि अफगानिस्तान में नाटो की सेनाएं फ्रंटलाइन से दूर रहीं और उन्होंने अमेरिका के लिए कोई खास भूमिका नहीं निभाई. ट्रंप ने कहा, “हमें उनकी कभी जरूरत नहीं पड़ी. वे कहते हैं कि उन्होंने अफगानिस्तान में सैनिक भेजे, लेकिन वे पीछे ही रहे, फ्रंटलाइन से दूर.”
ब्रिटिश सैनिकों के बलिदान का अपमान: स्टार्मर
ट्रंप के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि यह टिप्पणी न सिर्फ तथ्यात्मक रूप से गलत है, बल्कि उन परिवारों के जख्मों को कुरेदने वाली है जिन्होंने अपने प्रियजनों को युद्ध में खोया है. स्टार्मर ने पत्रकारों से कहा, “मैं राष्ट्रपति ट्रंप की टिप्पणी को अपमानजनक और सच कहूं तो बेहद शर्मनाक मानता हूं. यह स्वाभाविक है कि इससे उन परिवारों को गहरा दुख पहुंचा है, जिनके अपने लोग मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए.”
उन्होंने अफगानिस्तान में शहीद हुए 457 ब्रिटिश सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “मैं उनके साहस, बहादुरी और देश के लिए दिए गए बलिदान को कभी नहीं भूल सकता. राष्ट्रपति ट्रंप को इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए.”

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