
अफगान सेना पाकिस्तान पर करेगी चढ़ाई? तालिबान प्रवक्ता ने एयरस्ट्राइक के बदले को लेकर दिया सख्त मैसेज
AajTak
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच रिश्तों की कड़वाहट अब खुलकर सामने आने लगी. पाक ने एयरस्ट्राइक किया तो अफगान ने साफ कर दिया है कि वह इसका सख्त जवाब देगा. तालिबानी प्रवक्ता ने एयरस्ट्राइक के बदले को लेकर इस्लामाबाद को सख्त मैसेज दे दिया है.
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. हाल में ही पाक की ओर से अफ़ग़ान के सीमावर्ती इलाकों में जबरदस्त एयरस्ट्राइक की गई थी, जिसमें कई लोगों जान चली गई. इस स्ट्राइक को लेकर काबुल और इस्लामाबाद के बीच खींचतान तेजी से बढ़ रही है. इस्लामाबाद को डर है कि काबूल कभी भी प्रहार करेगा. इन सब के बीच अफगानिस्तान ने साफ़ कर दिया है कि उसका अगला कदम क्या होने जा रहा है.
अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के जवाब में सैन्य प्रतिक्रिया का संकेत दिया है. एक इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि काबुल इस्लामाबाद के खिलाफ किस तरह की कार्रवाई करेगा - राजनीतिक या सुरक्षा-सैन्य? तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनकी प्रतिक्रिया "स्वाभाविक रूप से" सैन्य होगी.
मुजाहिद ने यह भी कहा कि इस जवाब की विस्तृत जानकारी गोपनीय रखी जाएगी, लेकिन पाकिस्तान को उसके "शर्मनाक काम" का जवाब जरूर मिलेगा. उनका यह बयान काबुल की ओर से एक कड़े रुख को दर्शाता है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है. उन्होंने कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सुरक्षा और सैन्य स्तर पर भी कार्रवाई की जाएगी.
यह भी पढ़ें: 'एयरस्ट्राइक का जरूर लेंगे बदला', 19 मौतों से बौखलाए अफगानिस्तान की PAK को चेतावनी
पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक को अफगानिस्तान में सुरक्षात्मक और राजनीतिक अस्थिरता को और बढ़ावा देने वाला कदम माना जा रहा है. इस्लामिक अमीरात के अधिकारियों का कहना है कि यह हमला उनके क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन है, जिसके जवाब में वे मजबूती से खड़े हैं. ज़बीहुल्लाह मुजाहिद के इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध और अधिक कॉम्पलेक्स हो सकते हैं.
बता दें कि पाक ने 21-22 फरवरी की रात को अफ़ग़ान के नंगरहार और पक्तिका प्रांतों पर हवाई हमले किए, जिसमें क़रीब 19 नागरिक मारे गए. पाक का दावा है कि उसके एयरस्ट्राइक से 70 से अधिक आतंकवादी मारे गए. वहीं, अफ़ग़ान का दावा है कि आम नागरिकों को टार्गेट किया गया.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









