
अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे के 2 साल पूरे... पढ़ें वो 7 फरमान जिससे छिन गई अफगानियों की 'आजादी'
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2021 में अफगानिस्तान की धरती से अमेरिकी सेनाओं की रवानगी हो गई थी. अमेरिकी फौजों ने लगभग 20 सालों तक अफगानिस्तान में मोर्चा संभाला हुआ था. लेकिन अमेरिकी फौजों के लौटते ही तालिबान ने एक बार फिर देश पर कब्जा कर लिया. हालांकि, यूं तो तालिबान ने महिलाओं के हक की बातें करती हुई सत्ता संभाली थी. लेकिन सत्ता में वापसी करते ही वह पलट गया.
15 अगस्त... यह तारीख भारत की आजादी का प्रतीक है. लेकिन यही तारीख अफगानिस्तान के वर्तमान से भी जुड़ी हुई है. 15 अगस्त 2021 को तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा जमा लिया था. इस तरह अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता वापसी के दो साल पूरे हो गए हैं. लेकिन ये दो साल अफगानिस्तान के लोगों खासकर वहां की महिलाओं के लिए कैसे रहे? यह जानना बहुत जरूरी है.
2021 में अफगानिस्तान की धरती से अमेरिकी सेनाओं की रवानगी हो गई थी. अमेरिकी फौजों ने लगभग 20 सालों तक अफगानिस्तान में मोर्चा संभाला हुआ था. लेकिन अमेरिकी फौजों के लौटते ही तालिबान ने एक बार फिर देश पर कब्जा कर लिया. हालांकि, यूं तो तालिबान ने महिलाओं के हक की बातें करती हुई सत्ता संभाली थी. लेकिन सत्ता में वापसी करते ही वह पलट गया.
महिलाओं के होटल-रेस्तरां में खाने पर रोक
दुनिया गवाह है कि 1990 के दशक में जब तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया था तो महिलाओं पर तरह-तरह के प्रतिबंध लगाए गए थे. महिलाओं को हाशिए पर डाल दिया गया था. यही वजह थी कि इस बार जब तालिबान ने वापसी की तो महिलाओं के हक और हुकूक की दुहाई दी लेकिन सत्ता में लौटने पर फिर वही ढाक के तीन पात देखने को मिले.
इस बार महिलाओं पर जो प्रतिबंध लगाए गए. वे और भी कड़े थे. महिलाओं के पहनावे पर सेंसरशिप से लेकर होटलों, रेस्तरां सहित सार्वजनिक स्थानों पर खाना खाने, स्कूली में शिक्षा हासिल करने तक पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए.
महिला शिक्षा पर गिरी गाज

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