
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति ने तालिबान को दिया अल्टीमेटम, पाकिस्तान को भी लिया आड़े हाथों
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अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा है कि तालिबान के रवैया से लग रहा कि वो शांति स्थापित करने का इच्छुक नहीं है. आगे तालिबान के रुख के आधार पर ही सरकार निर्णय लेगी.
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा है कि तालिबान के रवैये से लग रहा कि वो शांति स्थापित करने का इच्छुक नहीं है. आगे तालिबान के रुख के आधार पर ही सरकार निर्णय लेगी. ईद के मौके पर अपने भाषण में अशरफ गनी ने कहा कि वार्ता के लिए दोहा में एक उच्च पदस्थ प्रतिनिधिमंडल भेजने का इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ अफगानिस्तान का फैसला एक अल्टीमेटम था. (फोटो-AP) राष्ट्रपति के इस भाषण से थोड़ी देर पहले ही काबुल में अति सुरक्षित प्रेसिडेंट पैलेस के पास रॉकेट दागे गए. रॉकेट अटैक के दौरान पैलेस परिसर में लोग नमाज अदा कर रहे थे. हालांकि, इस हमले के दौरान कोई हताहत नहीं हुआ. इसकी अभी किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है. सरकार में नंबर 2 की हैसियत रखने वाले अब्दुल्ला अब्दुल्ला मंगलवार को रॉकेट हमले के दौरान पैलेस के अंदर ही मौजूद थे. वह सोमवार को कतर में तालिबान के साथ शांति वार्ता के बाद से लौटे हैं. (फोटो-AP)
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

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तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.








