
'अपने आप बंद हो जाते हैं शरीर के कई हिस्से', ऋतिक रोशन ने बताया क्यों लिया था बैसाखी का सहारा
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ऋतिक रोशन के एल्बो क्रच पर दिखने के बाद फैंस चिंतित हो गए थे. अब एक्टर ने खुद इंस्टाग्राम पोस्ट में अपनी कंडीशन, न्यू नॉर्मल और आने वाली फिल्म का मजेदार हिंट दिया. तस्वीरों में वो अपने पेट डॉग्स के साथ खेलते दिखाई दिए.
एक्टर ऋतिक रोशन हाल ही में हॉट टॉपिक बने जब उन्हें एक पार्टी में एल्बो क्रच के सहारे चलते हुए देखा गया. सोशल मीडिया पर कुछ घंटे पहले ही इसका वीडिया वायरल हुआ जहां फैंस बेहद चिंतित नजर आए. सवाल हुए तो ऋतिक ने बिना देरी सभी की शंकाओं को दूर किया. ऋतिक ने बताया कि ये उनका 'न्यू नॉर्मल' है. वो जिस कंडीशन से जूझ रहे हैं उसकी वजह से ऐसा हो जाता है. उन्होंने इसी के साथ अपनी आने वाली फिल्म का नाम भी टीज कर दिया.
ऋतिक ने खुद सच बताया
25 जनवरी 2026 को ऋतिक रोशन ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर इस पूरे मामले पर सफाई दी. उन्होंने कई तस्वीरें शेयर की और एक लंबा नोट लिखा, जिसे उन्होंने खुद ‘लॉन्ग रैंट’ यानी लंबा बयान कहा. इस नोट में उन्होंने बताया कि जन्म से ही उनका बायां पैर, दाहिना कंधा और दाहिना घुटना कभी-कभी अचानक काम करना बंद कर देते हैं.
ऋतिक ने लिखा- कल से पूरा दिन चिड़चिड़ापन रहा, क्योंकि मेरा बायां घुटना अचानक ऐसे गायब हो गया जैसे उसने मुझसे छुट्टी ले ली हो, पूरे दो दिन के लिए. मेरी नॉर्मल जिंदगी में आपका स्वागत है. हम सब ऐसे शरीर में रहते हैं, जिनके काम करने का तरीका हम कभी पूरी तरह समझ ही नहीं पाएंगे. लेकिन मेरा शरीर तो एक दिलचस्प किस्म का है. इसके हर हिस्से के साथ अपना अलग ON/OFF बटन आता है.
'मेरी बाईं टांग को तो ये सुविधा जन्मसिद्ध अधिकार में मिली है. बायां कंधा और दायां टखना भी इसी कैटेगरी में हैं. सीधे OFF हो जाते हैं. बस मूड होता है. इस 'छोटी-सी सुविधा' ने मुझे ऐसे अनुभव दिए हैं जो ज्यादातर इंसानों को नहीं मिलते. मैं बड़े गर्व से ऐसे घूमता हूं जैसे मेरे दिमाग में ऐसे न्यूरॉन्स हों जो अचानक आई बेबसी में स्पेशलाइज्ड हों. मेरे पास एक अनोखा सिनैप्स सिस्टम है, जो पलक झपकते ही निराशा के अंधेरे गड्ढों में फिसलने का मास्टर है. तरह-तरह के अथाह अंधकार में.'
ऋतिक ने आगे लिखा- इन सबकी वजह से मेरे दिमाग में ऐसे रास्ते बन गए हैं जो शायद बाकी इंसानों से अलग हैं. इनमें सबसे प्रेजेंटेबल चीज है- मेरा सेंस ऑफ ह्यूमर. उदाहरण के लिए- कुछ दिनों के लिए मेरी जुबान 'डिनर' शब्द बोलने से ही मना कर देती है. अब सोचिए, मैं एक फिल्म के सेट पर हूं- एक सीरियस कोर्टरूम सीन चल रहा है. डायलॉग है: क्या आप डिनर के लिए घर चलेंगे?













