
'अपनी गिरेबान में झांको, सच नहीं बदलेगा...', भारत पर आरोप लगा रहे पाकिस्तान को मिला करारा जवाब
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भारत ने धार्मिक अल्पसंख्यकों को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को सख्ती से खारिज करते हुए कहा है कि ऐसे बयान देकर इस्लामाबाद अपने यहां अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे भयानक और सरकार समर्थित उत्पीड़न को नहीं छुपा सकता. विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के मानवाधिकार रिकॉर्ड को बेहद खराब बताते हुए कहा कि उसे दूसरों पर उंगली उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.
विदेश मंत्रालय ने सोमवार को पाकिस्तान के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें भारत पर धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ दुर्व्यवहार का दावा किया गया था. मंत्रालय ने साफ कहा कि इस तरह के आरोप लगाकर पाकिस्तान अपने यहां अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे 'भयानक और सरकार समर्थित उत्पीड़न' को नहीं छुपा सकता.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के बयानों पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हम ऐसे देश के बयान को खारिज करते हैं, जिसका इस मामले में रिकॉर्ड खुद उसके खिलाफ गवाही देता है. पाकिस्तान में अलग-अलग धर्मों के अल्पसंख्यकों के साथ भयानक और सरकार समर्थित अत्याचार एक सच्चाई है. उंगली उठाने से यह हकीकत नहीं बदल सकती.'
पाकिस्तान ने क्या कहा?
दरअसल, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की थी कि वह भारत में कथित तौर पर धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर ध्यान दे. उन्होंने क्रिसमस से जुड़ी तोड़फोड़ और मुसलमानों पर हमलों के आरोप लगाए थे. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, उन्होंने 2015 के दादरी मामले में मोहम्मद अखलाक की हत्या का हवाला देते हुए कहा कि भारत में लिंचिंग मामलों के आरोपियों को संरक्षण दिया जाता है.
भारत ने दिया करारा जवाब
इससे पहले भी विदेश मंत्रालय ने भारत के आंतरिक मामलों पर पाकिस्तान की टिप्पणियों को कड़ी भाषा में खारिज किया था. अयोध्या में राम मंदिर पर ध्वज फहराने को लेकर पाकिस्तान की आपत्ति पर भारत ने कहा था कि पाकिस्तान को दूसरों को उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. रणधीर जायसवाल ने तब पाकिस्तान के 'कट्टरता, दमन और अल्पसंख्यकों के साथ दुर्व्यवहार से भरे रिकॉर्ड' की याद दिलाई थी.

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