
अटकलों और तेजस्वी के तंज के बीच नीतीश क्यों गए RJD के इफ्तार में, कहीं फिर अंतरात्मा...?
AajTak
बिहार की राजनीति में हलचल का दौर शुरू हो गया है. सीएम नीतीश कुमार ने आरजेडी की इफ्तार पार्टी में शिरकत की है. कहने को और भी कई नेता शामिल हुए, लेकिन नीतीश का जाना सियासी कदम माना जा रहा है.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को आरजेडी द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी में शामिल हुए. पांच साल बाद फिर राज्य की पूर्व सीएम राबड़ी देवी के आवास पर इस इफ्तार पार्टी का आयोजन हुआ. यूं तो इस आयोजन में पक्ष-विपक्ष के कई नेता शामिल हुए, बीजेपी के नेता भी दिखाई दिए. लेकिन सीएम नीतीश कुमार की उपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी.
इस इफ्तार पार्टी का जो वीडियो भी सामने आया है उसमें सीएम नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव से बात करते दिख रहे हैं. दूसरे बड़े नेता भी साथ ही बैठे हैं. अब क्या चर्चा हुई, निजी थी या फिर राजनीति के इर्द-गिर्द, ये स्पष्ट नहीं है. लेकिन नीतीश कुमार की टाइमिंग की वजह से इस एक आयोजन के बाद कई मायने निकाले जा रहे हैं.
टाइमिंग का सारा खेल!
जानकारी के लिए बता दें कि एक दिन बाद गृह मंत्री अमित शाह बिहार दौरे पर आ रहे हैं. वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गृह मंत्री वहां आने की तैयारी कर रहे हैं. सबसे ज्यादा तिरंगा लगाने का रिकॉर्ड भी बनाने की बात कही जा रही है. इसके अलावा बीजेपी नेताओं से भी उनकी मुलाकात संभव है. लेकिन बड़ी बात ये है कि सीएम नीतीश कुमार और अमित शाह का कोई कार्यक्रम सेट नहीं किया गया है. ऐसे में अमित शाह के बिहार आगमन से पहले नीतीश कुमार का राबड़ी देवी के द्वार पर पहुंचना बड़ा संदेश दे गया है.
अब वो संदेश क्या है, इसको लेकर कोई भी नेता अभी खुलकर बात नहीं करना चाहता है. बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा है कि इस इफ्तार पार्टी का कोई भी सियासी मतलब नहीं निकालना चाहिए. जब हमने इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था, तब भी नीतीश कुमार वहां गए थे. अब आरजेडी ने किया है तो वहां भी उनकी उपस्थिति हुई है. मैंने भी रोजा रखा था, इसलिए तेजस्वी जी ने मुझे फोन कर निमंत्रण दिया.
वहीं चिराग पासवान ने भी इसी दिशा में अपना बयान दिया है. वे भी नीतीश की इस मुलाकात का कोई सियासी मायने नहीं देखते हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या बिहार की राजनीति में अब नीतीश, चिराग और तेजस्वी साथ आने वाले हैं, इस पर उन्होंने दो टूक कहा कि नहीं ऐसी कोई संभावना नहीं है. इफ़्तार की दावत को राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में देखना बिल्कुल भी उचित नहीं है.

क्या अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है? ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे? हालांकि अमेरिका के लिए सब इतना आसान भी नहीं होने वाला, क्योंकि ईरान पूरी ताकत से मुकाबला करने के लिए तैयार है.

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ओडिशा सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. बरगढ़ जिले के पद्मपुर में तैनात एक ओडिशा प्रशासनिक सेवा अधिकारी को रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित कर दिया है. जिला कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया गया. राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने साफ किया है कि विभाग में भ्रष्टाचार के लिए 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

आजतक से खास बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बीजेपी में दो विचारधाराओं की बात कही. उन्होंने बताया कि एक विचारधारा अत्याचारी प्रकृति की है जबकि दूसरी नहीं. उन्होंने बटुकों के सम्मान के लिए ब्रजेश पाठक की प्रशंसा की. साथ ही समाजवादी पार्टी और बीजेपी दोनों को राजनीतिक पार्टियों के रूप में बताया. सीएम योगी पर उन्होंने खुलकर वार किए. देखें वीडियो.

यह वीडियो भारत में हो रहे एआई समिट, उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तनावपूर्ण सियासत और संघ परिवार की मुसलमानों की घर वापसी से जुड़ी राय पर केंद्रित है. सुंदर पिचाई ने भारत में टैलेंट की घर वापसी पर आशावादी विचार व्यक्त किए हैं. वहीं, उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण राजनीति और शंकराचार्य विवाद ने सियासी हलचल बढ़ाई है. साथ ही संघ प्रमुख और मुस्लिम नेताओं के बीच घर वापसी को लेकर बयानबाजी जारी है. देखें खबरदार.

सेंट्रल इंडिया के पूर्व माओवादी नेता भूपति ने लगभग 40 सालों के हथियारबंद संघर्ष के बाद 15 अक्टूबर 2025 को गढ़चिरोली में 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का ऐतिहासिक फैसला किया. 70 साल भूपति ने कहा कि देश की बदलती सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों में सशस्त्र क्रांति अब व्यावहारिक नहीं रही. उन्होंने बताया कि संगठन 2013 के बाद जनता से कट चुका था, जिससे अंत की शुरुआत हुई.

अकोला में भाजपा के अकोट शहर अध्यक्ष को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से सिग्नल ऐप पर 2 करोड़ रुपये की रंगदारी की धमकी मिली है. धमकी मिलने के बाद पुलिस ने शहर अध्यक्ष की सुरक्षा बढ़ा दी है. सूत्रों के अनुसार, शुभम लोणकर नामक आरोपी पर शक है, जिसके गैंग से संबंध बताए जा रहे हैं. पुलिस तकनीकी जांच कर रही है, लेकिन आधिकारिक बयान देने से बच रही है.

माघ मेले के दौरान चोटी खींचने की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई है. डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस घटना को पूरी तरह से गलत और महापाप बताया है. उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान किया है. इस घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है और अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. इस मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे माहौल और गरमाता दिखाई दे रहा है.






