
'अच्छा होगा अगर ईरान में...', ट्रंप ने फिर खामेनेई शासन को धमकाया, नेतन्याहू से मिलने के बाद बढ़ाया प्रेशर
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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर खुलकर सत्ता परिवर्तन की बात कही है. अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती के साथ ट्रंप ने धमकाया कि अगर बातचीत नाकाम रही तो ईरान को गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं.
अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अली खामेनेई शासन को लेकर एक बार फिर खुली धमकियां दी हैं. ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन होता है तो यह अब तक की सबसे अच्छी बात होगी. उन्होंने हाल ही में इजरायली पीएम नेतन्याहू से मुलाकात की है. इनके अलावा एक अतिरिक्त एयरक्राफ्ट कैरियर भी मिडिल ईस्ट की तरफ रवाना किया है.
नॉर्थ कैरोलाइना के फोर्ट ब्रैग में अमेरिकी सैनिकों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि तेहरान में सत्ता बदलना दुनिया के लिए बेहतर साबित हो सकता है. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अगर वहां सत्ता बदली तो यह सबसे अच्छा होगा." उन्होंने ईरान के इस्लामिक खामेनेई शासन पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका दशकों से सिर्फ बातें ही सुन रहा है.
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "47 साल से वे सिर्फ बात, बात और बात कर रहे हैं. इसी दौरान हमने बहुत लोगों की जान गंवाई है." उन्होंने क्षेत्र में हिंसा और संघर्ष की तस्वीर खींचते हुए कहा, "लोगों ने पैर गंवा दिए, हाथ गंवा दिए, उनके चेहरे बिगड़ गए. यह सब बहुत लंबे समय से चल रहा है." हालांकि ट्रंप ने यह नहीं बताया कि ईरान की मौजूदा सत्ता के बाद कौन नेतृत्व संभालेगा. सवालों के जवाब में उन्होंने सिर्फ इतना कहा, "वहां लोग मौजूद हैं."
ईरान पर अमेरिका ने और बढ़ाया प्रेशर
राष्ट्रपति ट्रंप के ये बयान ऐसे समय आए हैं जब अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी और बढ़ा दी है. ट्रंप ने पुष्टि की कि अमेरिका ने दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप भी क्षेत्र में तैनात करने का फैसला किया है. व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा, "अगर डील नहीं होती, तो हमें इसकी जरूरत पड़ेगी. यह बहुत जल्द रवाना होगा." उन्होंने कहा कि एक एयरक्राफ्ट कैरियर पहले ही वहां पहुंच चुका है और दूसरा रास्ते में है.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मिडिल ईस्ट वॉर से भी पहले से जंग चल रही है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार टीटीपी जैसे आतंकी समूहों को पनाह दे रही है जो पाकिस्तान में हमले करते हैं. लेकिन तालिबान ने इन आरोपों को खारिज किया है. दोनों देशों का झगड़ना चीन के हितों के खिलाफ जा रहा है जिसे देखते हुए उसने एक प्रस्ताव रखा था. पाकिस्तान ने सामने से उसे खारिज कर दिया है.

भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिना भारतीय दूतावास की अनुमति और संपर्क के किसी भी जमीनी सीमा को पार करने की कोशिश न करें. दूतावास ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर लोगों को गंभीर लॉजिस्टिक और इमीग्रेशन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. यह सलाह अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच जारी की गई है. दूतावास ने भारतीयों से आधिकारिक संपर्क में रहने और हेल्पलाइन नंबरों पर मदद लेने की अपील की है. दूतावास ने कहा, 'हमें बताए बिना ईरान न छोड़ें'. दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 17वां दिन है. हर दिन बीतने के साथ ये जंग और भीषण होती जा रही है क्योंकि अब अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान ने एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. 28 फरवरी से चल रहे युद्ध में ईरान ने पहली बार अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक सेजिल से इजरायल को टारगेट किया है. सेजिल मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है, इसी वजह से इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. ईरान की ओर से सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल होने से युद्ध में और तेजी आने का साफ संकेत मिल रहा है.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के शहर तेल अवीव पर मिसाइल हमला हुआ है. सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज में वो पल कैद हुआ है जब ईरान की मिसाइल तेल अवीव की एक सड़क पर आकर गिरती दिखाई देती है. इज़रायल पुलिस के मुताबिक इस हमले में क्लस्टर वारहेड का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छोटे बम अलग-अलग जगहों पर गिरकर फटे और आसपास के कई इलाकों को नुकसान पहुंचा. देखें वीडियो.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.








