
अगस्त में दक्षिण अफ्रीका के डरबन में होगा 15वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन
AajTak
15वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन इस साल अगस्त के अंत में दक्षिण अफ्रीका के डरबन में होगा. इससे पहले 2013 में पांचवां वार्षिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन दक्षिण अफ्रीका के डरबन में आयोजित किया गया था. इसमें पांच सदस्य देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के सरकार के प्रमुखों ने भाग लिया था. जून 2009 में BRIC नेताओं ने रूस में अपनी पहली बैठक आयोजित की थी.
15वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन इस साल अगस्त के अंत में दक्षिण अफ्रीका के डरबन में होगा. ब्राजील, रूस, भारत और चीन के विदेश मंत्रियों ने पहली बार 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ब्रिक सहयोग की शुरुआत की थी. बाद में अप्रैल 2011 में दक्षिण अफ्रीका भी इससे जुड़ गया. चीन में आयोजित तीसरे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पहली बार अफ्रीका शामिल हुआ.
26 जनवरी को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इसकी घोषणा की थी. 2009 से ब्रिक्स नेताओं ने 14 औपचारिक बैठकें और 9 अनौपचारिक बैठकें की हैं.
इससे पहले 2013 में पांचवां वार्षिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन दक्षिण अफ्रीका के डरबन में आयोजित किया गया था. इसमें पांच सदस्य देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के सरकार के प्रमुखों ने भाग लिया था. जून 2009 में BRIC नेताओं ने रूस में अपनी पहली बैठक आयोजित की थी.
क्या है BRICS BRICS में पांच देश शामिल हैं ब्राज़ील, रशिया, इडिया, चाइना और साऊथ अफ्रीका. इन सभी देशों के नाम के पहले अक्षर से ही BRICS बना है. ये समिट हर साल होता है जिसमें इन पांचों देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होते हैं. भारत भी इस समिट की मेज़बानी कर चुका है. ये संगठन काफी मज़बूत है जिसमें दुनिया के तीन बड़े देश चीन, इंडिया और रूस शामिल हैं, लेकिन कोई भी पश्चिमी देश इस ग्रुप में शामिल नहीं है.
साउथ अफ्रीका के इस संगठन का हिस्सा बनने से पहले इसे BRIC कहा जाता था. BRIC के बनने का सिलसिला साल 2006 से ही शुरू हो गया था जब चारों देशों के विदेश मंत्रियों ने new york में एक हाईलेवल मीटिंग कर इसका ब्लूप्रिंट तैयार किया था, लेकिन BRIC का पहला सम्मेलन साल 2009 में रशिया में हुआ और साल 2011 में साउथ अफ्रीका के जुड़ने के साथ ही इसका नाम BRICS हो गया.
BRICS की अहमियत जानने के लिए इसके सदस्य देशों की अहमियत को समझना ज़रूरी है. चाईना, इंडिया, और रशिया की बात करें तो ये देश दुनिया की तीन बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश हैं और ब्राजील लेटिन अमेरिका का अहम देश है तो वहीं साऊथ अफ्रीका, अफ्रीका कॉन्टिनेंट का एक बड़ा देश है. दूसरे शब्दों में कहें तो BRICS देशों की सीमाएं दुनिया के एक छोर से दूसरे छोर तक फैली हुई हैं.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.








