
अगले लोकसभा चुनाव तक यमुना का पानी पीने लायक... केंद्र सरकार का टारगेट
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यमुना सफाई के लिए 500 वॉलंटियर भी भर्ती किए जा रहे हैं, जो यमुना नदी के किनारे खड़े रहेंगे और लोगों को यमुना में गंदगी/पूजा सामग्री को फेंकने से रोकेंगे और जागरूक भी करेंगें.
दिल्ली सरकार और जलशक्ति मंत्रालय ने यमुना नदी की सफाई का नया मॉडल बनाया है. इसके तहत अगले लोकसभा चुनाव से पहले यमुना नदी का पानी पीने के काबिल हो जाने की बात कही गई है. पीएम मोदी ने टारगेट दिया है कि अगले डेढ साल में यमुना नदी का पानी नहाने लायक और उसके बाद के डेढ़ साल यानी कुल तीन साल बाद यमुना नदी का पानी होगा पीने लायक होना चाहिए.
पीएम मोदी ने गृहमंत्री अमित शाह और जलशक्ति मंत्री के साथ हुई मीटिंग में ये बात कही है. गृहमंत्री अमित शाह यमुना क्लीन प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग करेंगे.
कहां तक पहुंचा सफाई का कार्य?
मौजूदा वक्त में यमुना नदी की सफाई का तीसरा दौर चल रहा है. नदी में जलकुंभी की सफाई मशीनों से चल रही है, जो जल्द पूरी हो जाएगी. उसके बाद ड्रेजिंग के जरिए नदी की तलहटी को साफ किया जाएगा, जिससे नदी में पानी का फ्लो बना रहे.
नाले से गिरने वाले पानी को साफ करने के लिए जल्द ही एसटीपी बनाए जाएंगे. इन STP के लिए टेंडर जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. STP में नालों के गंदे पानी को यमुना में गिरने से पहले साफ और ट्रीटमेंट किया जाएगा, जिससे उससे हानिकारक केमिकल और गंदगी को अलग किया जा सके.
यमुना सफाई के काम के लिए 500 वॉलंटियर भी भर्ती किए जा रहे हैं, जो यमुना नदी के किनारे खड़े रहेंगे और लोगों को यमुना में गंदगी/पूजा सामग्री को फेंकने से रोकेंगे और जागरूक भी करेंगें.

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