
अक्सर ग्रीन यूनिफॉर्म में रहते हैं राष्ट्रपति के गार्ड, जानें- नेशनल अवार्ड सेरेमनी में क्यों पहनी सफेद ड्रेस
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राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के साथ हमेशा उनके अंगरक्षक दिखाई देते हैं. आपने ध्यान दिया होगा, ये अफसर अक्सर काले या सफेद रंग के यूनिफॉर्म में नजर आते हैं. आखिर इनकी वर्दी का रंग एक जैसा क्यों नहीं होता है? अलग-अलग कार्यक्रम में ये अलग-अलग रंगों की वर्दी में क्यों दिखाई देते हैं?
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू मंगलवार को नेशनल फिल्म अवार्ड में शामिल हुईं और अपने हाथों से कई अभिनेता और अभिनेत्रियों को सम्मानित किया. इस अवसर पर सफेद यूनिफार्म में एक महिला अफसर राष्ट्रपति की सुरक्षा में नजर आईं. कभी राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात अफसर सफेद या गहरे हरे रंग की वर्दी में दिखाई देते हैं. आखिर इसके पीछे की वजह क्या है?
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू की सुरक्षा राष्ट्रपति के अंगरक्षक (PBG) के हाथों में होती है. ये भारतीय सेना की सबसे पुरानी रेजिमेंट मानी जाती है. राष्ट्रपति भवन में रह चुके पूर्व अधिकारी के मुताबिक, इसी पीबीजी के साथ एडीसी भी राष्ट्रपति की सुरक्षा में होते हैं. राष्ट्रपति की सुरक्षा प्रोटोकॉल के हिसाब से हर दिन या कार्यक्रम में एडीसी बदलते रहते हैं.
इस वजह से बदल जाता है यूनिफॉर्म का रंग राष्ट्रपति के एडीसी आर्मी, नेवी या एयरफोर्स के मेजर या स्क्वाड्रन लीडर्स रैंक के होते हैं. जब ये किसी कार्यक्रम में जाते हैं तो ये सेरिमनियल ड्रेस कोड का अनुसरण करते हैं. इस दौरान ये एडीसी अपने विंग और रेजिमेंट के हिसाब से यूनिफॉर्म पहनते हैं. यही वजह है कि राष्ट्रपति के साथ दिखाई देने वाले सुरक्षा अधिकारी कभी सफेद, तो कभी का काले और कभी गहरे हरे रंग के ड्रेस में दिखाई देते हैं.
पूनम गुप्ता के हाथ में है राष्ट्रपति की सुरक्षा की कमान राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने पहली बार सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया है और अब उनकी सुरक्षा में तैनात पीएसओ के रूप में महिला अधिकारी भी सेवा दे रही हैं. वर्तमान में सीआरपीएफ की असिस्टेंट कमांडेंट पूनम गुप्ता के हाथों में उनकी सुरक्षा की कमान है.
चेंज ऑफ गार्ड के माध्यम से हर सप्ताह बदलते हैं अंगरक्षक पारंपरिक रूप से राष्ट्रपति की सुरक्षा पीबीजी यानी राष्ट्रपति अंगरक्षक करते हैं, जो सेना की सबसे पुरानी रेजिमेंट है. राष्ट्रपति के साथ पीबीजी हमेशा अपने पारंपरिक वर्दी में नजर आते हैं. वहीं चेंज ऑफ गॉर्ड परंपरा के अनुसार राष्ट्रपति की अंगरक्षक हर सप्ताह बदलते हैं.

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