
अंधाधुंध फायरिंग, चारों तरफ अफरातफरी... आतंकियों ने इसी हथियार से मॉस्को के कॉन्सर्ट हॉल में बरसाई मौत!
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मॉस्को आतंकी हमले में इस्लामिक स्टेट के चार-पांच आतंकी शामिल थे. उनके हाथों में ऑटोमेटिक राइफलें थीं. आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की और फिर फरार हो गए. जांच एजेंसी ने राइफल और भारी मात्रा में उससे निकली गोलियों के खोल बरामद किए हैं. आतंकियों ने विस्फोटक से भी हमले किए थे जिसकी तस्वीर अब सामने आई है.
रूस की राजधानी मॉस्को में बड़ा आतंकी हमला हुआ है. इस हमले में अब तक 60 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. हमले की जिम्मेदारी कथित रूप से इस्लामिक स्टेट ने ली है. कहा जा रहा है कि कन्सर्ट हॉल में चार-पांच आतंकी घुसे थे. उनके हाथों में ऑटोमेटिक कलाश्निकोव राइफलें थीं. रूसी जांच एजेंसी ने राइफल और उससे चलाई गई गोलियों की तस्वीरें जारी की हैं.
मॉस्को के मशहूर कन्सर्ट हॉल क्रोकस सिटी में हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे, जब 22 मार्च की शाम आतंकियों ने हमला कर दिया. इस हमले में 60 लोग मारे गए और 145 लोग घायल हुए हैं. हालांकि, मौतों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है. सामने आए वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि किस तरह चार-पांच आतंकी अंधाधुंध फायरिंग कर रहे हैं.
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'कलश' राइफल से किया हमला
आतंकियों ने कलाश्निकोव असॉल्ट राइफल से हमला किया है. इस राइफल को रूसी भाषा में 'कलश' भी कहा जाता है. इसे सोवियत काल में 1974 में पहली बार बनाया गया था, जो एके-74 के रूप में भी चर्चित है.
हमले के बाद मौके पर पहुंची जांच टीम ने कई मैगजीन, जैकेट और इस्तेमाल किए गए गोलियों के खोल इकट्ठा किए हैं. इनके अलावा आतंकियों द्वारा छोड़े गए हथियारों को बरामद किया है और जांच में जुटी है.

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