
Zelensky ने भारत से किस शांति सम्मेलन की मेजबानी को कहा, इंटरनेशनल इवेंट के आयोजन से होस्ट देश को क्या फायदा?
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि अगले शांति सम्मेलन की मेजबानी भारत को करनी चाहिए. इसके बाद से पीस समिट पर चर्चा हो रही है. वैसे जेलेंस्की का प्रस्तावित सम्मेलन 'कस्टमाइज' है, जो सिर्फ रूस-यूक्रेन जंग रोकने की बात करता है. लेकिन इस प्रस्ताव के भी बड़े मायने हैं.
हाल में पीएम नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन की यात्रा की. इस दौरान दोनों देशों के नेताओं की आत्मीय मुलाकात की कई तस्वीरें वायरल हुईं. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भारत से अगली पीस समिट की मेजबानी की भी पेशकश की, जो रूस और यूक्रेन युद्ध पर फोकस करती है. जानें, क्या है ये सम्मेलन, और क्यों देश इस तरह के इंटरनेशनल आयोजनों की मेजबानी करना चाहते हैं.
कैसे अलग है यूक्रेन की पीस समिट
जेलेंस्की जिस सम्मेलन की बात कर रहे थे, उसका पूरा नाम पीस फॉर्मूला समिट है. ये एकदम नई कोशिश है, जिसका मकसद रूस और यूक्रेन की जंग रोकना है. बता दें कि दोनों देशों की लड़ाई को लगभग ढाई साल हो चुके. साल 2022 नवंबर में खुद यूक्रेनियन राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ही पीस फॉर्मूला तैयार किया था. उन्होंने 10 पॉइंट्स बनाए और दुनिया के ज्यादातर देशों से अपने लिए मदद मांगी. इसके तहत यूक्रेन से रूसी सेना को हटाना, तबाह हुए इंफ्रास्ट्रक्चर को दोबारा ठीक करना, युद्ध से आई महंगाई पर कंट्रोल, सैनिकों और उनके परिवारों को हर तरह की मदद देना जैसी बातें शामिल हैं.
90 देशों ने लिया था हिस्सा
जेलेंस्की की पहल पर पहली पीस फॉर्मूला समिट जून 2024 में स्विटजरलैंड में आयोजित हुई. इसमें 92 देशों के अलावा 8 इंटरनेशनल एनजीओ ने भी हिस्सा लिया था. भारत भी इसमें शामिल हुआ था.
क्यों स्विटजरलैंड बना पहला होस्ट

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