
World War 3: कब होगा तीसरा विश्व युद्ध... ईरान-इजरायल नहीं, ये दो महादेश करेंगे इस जंग की शुरुआत
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चर्चा है कि तीसरा विश्व युद्ध शुरू होने वाला है. पर ऐसा होगा क्या? दुनिया भर के रक्षा एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान-इजरायल एक छोटी जंग है. असली विश्व युद्ध दुनिया की दो महाशक्तियों की भिड़ंत पर होगा. आइए जानते हैं कि ये दोनों शक्तियां कौन सी हैं, जो तीसरा विश्व युद्ध करा सकती हैं.
Iran ने कल यानी 13 अप्रैल 2024 की रात Israel पर अचानक ड्रोन्स और मिसाइलों से हमला किया. आर्टिलरी फायरिंग भी की गई. इसके बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा चलने लगी कि वर्ल्ड वॉर 3 (World War 3) शुरू होने वाला है. क्या असल में ऐसा हो सकता है? आशंकाओं से भाग नहीं सकते लेकिन डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि तीसरा विश्व युद्ध दुनिया के दो ताकतवर देशों की जंग से शुरू होगी.
पिछले दो वर्षों में रूस-यूक्रेन, इजरायल-फिलिस्तीन, इजरायल-हिजबुल्लाह, चीन-ताइवान, अजरबैजान-आर्मेनिया में जंग हुई. रूस-यूक्रेन का युद्ध अब भी जारी है. इजरायल के खिलाफ जिहादी कैंपेन चलाया जा रहा है. वैश्विक व्यापार को रोकने के लिए लाल सागर, अदन की खाड़ी और अरब सागर में व्यापारिक और सामरिक जहाजों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया जा रहा है. सब एकदूसरे से जुड़े हुए हैं.
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ये तय है कि तीसरा विश्व युद्ध होगा. लेकिन अब भी कई देश और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इसे रोकने का प्रयास कर रही हैं. साम, दाम, दंड, भेद और नीति हर तरह के पैतरें का इस्तेमाल करके जंग रोकने का प्रयास चल रहा है. फिर असल में ये जंग होगी किसके बीच...
तीसरा विश्व युद्ध अमेरिका और चीन की जंग से शुरू होगा...

77वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान दिल्ली-NCR की हवाई सुरक्षा पूरी तरह हाई अलर्ट पर रही. भारतीय वायुसेना के इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस ग्रिड ने परेड से लेकर बीटिंग रिट्रीट तक हर गतिविधि पर नजर रखी. सेना, नौसेना, दिल्ली पुलिस, SPG और NSG समेत कई एजेंसियों के समन्वय से राजधानी के आसमान को सुरक्षित रखा गया.

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देश की सर्वोच्च अदालत ने UGC के नए नियमों से सामान्य वर्ग को नफरती करके फंसाए जाने की आशंका को गंभीरता से लिया है. कॉलेज कैंपस में भेदभाव रोकने के नाम पर 13 जनवरी के नियमों को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है. इसके बाद सामान्य वर्ग की राजनीतिक ताकत और इस मुद्दे के व्यापक मायनों पर चर्चा तेज हो गई है. जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए इन नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक ने इसके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं.










