
Virat Kohli: 'नहीं खाऊंगा छोले-पूड़ी...', विराट कोहली ने प्रैक्टिस के बाद क्यों कहा ऐसा, जानें पूरा मामला
AajTak
विराट कोहली करीब 13 साल बाद रणजी ट्रॉफी मैच खेलने के लिए तैयार हैं. वो दिल्ली की टीम से खेलेंगे. कोहली को रेलवे के खिलाफ मैच के लिए टीम में चुना गया है. दिल्ली और रेलवे के खिलाफ मैच 30 जनवरी से दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में होगा. इससे पहले कोहली प्रैक्टिस के लिए पहुंचे.
Virat Kohli Eat Kadhi Chawal: भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली मंगलवार (28 जनवरी) को प्रैक्टिस के लिए दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पहुंचे. यहां उन्होंने करीब 45 मिनट तक प्रैक्टिस की. साथ ही खिलाड़ियों के साथ फुटबॉल भी खेला. इसके बाद कोहली ने लंच किया.
दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) ने कोहली के लिए छोले-पूड़ी मंगाए थे, लेकिन उन्होंने इसे खाने से मना कर दिया. इसके बाद कोहली ने दिल्ली टीम के खिलाड़ियों के साथ बैठकर कड़ी चावल खाए और अपने पुराने दिनों को याद किया.
दरअसल, विराट कोहली की काली पोर्श कार सुबह ठीक 9 बजे मैदान के 'वीरेंद्र सहवाग गेट' से अंदर आई थी. तब यह दिल्ली के इस स्टार बल्लेबाज के लिए घर वापसी जैसा था जो 13 साल से अधिक समय के बाद अपनी फर्स्ट क्लास टीम के साथ अभ्यास के लिए पहुंचे.
नवदीप के अलावा बाकी प्लेयर्स ने सिर्फ टीवी पर देखा
तेज गेंदबाज नवदीप सैनी को छोड़कर दिल्ली की टीम के अन्य सभी 18 सदस्यों ने कोहली को सिर्फ टीवी पर देखा था और यह कहानियां सुनते हुए बड़े हुए थे कि कैसे 'चीकू' भारतीय क्रिकेट का 'किंग' बन गया.
पिछले 15 सालों में दिल्ली का 'चीकू' एक धुंधली याद बनकर रह गया है क्योंकि वह वैश्विक क्रिकेट में सबसे बड़ा व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक ब्रांड बन गया है। वह चेहरा जिसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अपनी ओलंपिक दावेदारी प्रस्तुतिकरण में सबके सामने रखा.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












