
Vice President Election: राष्ट्रपति से कितना अलग होता है उपराष्ट्रपति चुनाव? वोटों की गिनती कैसे होती है? जानें सबकुछ
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Vice President Election: देश में 6 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होंगे. इस चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य वोटिंग करते हैं. उपराष्ट्रपति चुनाव में वोटों की गिनती की प्रक्रिया बेहद अलग होती है.
देश को जुलाई में नए राष्ट्रपति और अगस्त में नए उपराष्ट्रपति मिल जाएंगे. 18 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव होने हैं और 6 अगस्त को उपराष्ट्रपति के चुनाव. उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजे उसी दिन आ जाएंगे. मौजूदा उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का कार्यकाल 11 अगस्त को खत्म हो रहा है.
भारत में उपराष्ट्रपति ही राज्यसभा के सभापति भी होते हैं. अगर किसी वजह से राष्ट्रपति का पद खाली होता है, तो ऐसे में उपराष्ट्रपति ही इसकी जिम्मेदारी भी संभालते हैं. उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति से नीचे लेकिन प्रधानमंत्री से ऊपर होते हैं.
उपराष्ट्रपति के चुनाव में सिर्फ लोकसभा और राज्यसभा के सांसद हिस्सा लेते हैं. इस चुनाव में मनोनीत सदस्य भी हिस्सा लेते हैं. जबकि, राष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा सांसद और सभी राज्यों की विधानसभा के विधायक वोटिंग करते हैं.
उपराष्ट्रपति का चुनाव लड़ने के लिए भारत का नागरिक होना जरूरी है. उसकी उम्र 35 साल से ज्यादा होनी चाहिए और वो राज्यसभा का सदस्य चुने जाने की सारी योग्यताओं को पूरा करता हो. उपराष्ट्रपति का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को 15 हजार रुपये भी जमा कराने होते हैं. ये जमानत राशि की तरह होते हैं. चुनाव हार जाने पर या 1/6 वोट नहीं मिलने पर ये राशि जमा हो जाती है.
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उपराष्ट्रपति चुनाव में कैसे होती है वोटिंग?

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