
Uttarakhand: 'देखते-देखते सैलाब ने घर-बाजार-सड़क सब डुबो दिया, घरों में कैद होने को मजबूर लोग', लोगों की आपबीतियां
AajTak
नैनीताल के रामगढ़ में बादल फटने से लोगों को काफी नुकसान पहुंचा है. यहां मौजूद एक स्थानीय नागरिक ने कहा, मुझे 40-50 लाख का नुकसान हुआ है. मेरे घर का एक हिस्सा पूरी तरह से गिर गया. इसके अलावा मैंने मछली पालन के लिए जो टैंक बनाया था, वो भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया.
उत्तराखंड में बारिश ने जमकर तबाही मचाई. यहां बारिश और लैंडस्लाइड से जुड़ी घटनाओं में 52 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, राज्य के कई हिस्से ऐसे हैं, जिनमें सड़कें तक नहीं बचीं. वहीं लोगों को खाने के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है. लगातार हो रही बारिश के चलते जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. ऐसे में बाढ़ की मार झेल रहे लोगों ने अपनी आपबीतियां आजतक के साथ शेयक कीं.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









