
US-China में ट्रेड वार? Donald Trump के नए ऐलान से फैला डर, अब आगे क्या
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कयास लगाया जा रहा है कि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार का खतरा बढ़ रहा है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया है.
साल 2025 में आई भारी उथल-पुथल के बाद स्थिति थोड़ी नॉर्मल होनी शुरू हो गई थी, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के नए ऐलान ने फिर से ग्लोबल टेंशन पैदा कर दी है. ट्रंप की नई धमकी ने सभी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या अमेरिका-चीन ट्रेड वार फिर से शुरू हो रहा है.
मंगलवार को ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया, जिस कारण तेहरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में चीन पर ज्यादा असर पड़ सकता है, क्योंकि चीन ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में लिखा कि तत्काल प्रभाव से, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ किए जाने वाले सभी प्रकार के व्यापार पर 25 प्रतिशत का टैरिफ देना होगा. यह आदेश अंतिम और निर्णायक है.
ईरान का 90 फीसदी तेल खरीद रहा चीन उद्यमी अर्नाउड बर्ट्रेंड ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा कि किसी भी देश शब्द में किसी भी का बहुत महत्व है, क्योंकि ईरान के तेल निर्यात का 90 प्रतिशत हिस्सा चीन को जाता है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या ईरान अमेरिकी हितों के लिए इतना महत्वपूर्ण है कि अमेरिका इसके लिए चीन के साथ अपना व्यापार युद्ध फिर से शुरू करने को तैयार है. यह ट्रंप के मानकों के हिसाब से भी पागलपन लगता है.
उन्होंने आगे कहा कि ईरान कई सालों से अमेरिका के उच्च प्रतिबंधों के तहत है, इसलिए ट्रंप की घोषणाओं का कोई असर नहीं पड़ने वाला है. खासकर इसलिए क्योंकि ईरान कई सालों से अमेरिका के कड़े प्रतिबंध लगे हुए हैं, इसलिए ईरान के साथ व्यापार करने वाले देश अमेरिकी धमकियों से बेखौफ हैं. इस कारण इस ऐलान का कोई भी असर होने की संभावना नहीं है. यह सिर्फ दिखावटी है, जो प्रतिष्ठा बचाने के लिए की गई है.
...तो अमेरिका चीन पर लगा देगा 25 फीसदी टैरिफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर zerohedge नाम से जाने जाने वाले एक अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने कहा कि चीन के साथ व्यापार युद्ध फिर से शुरू हो गया है. इसका क्या मतलब है? अगर ट्रंप अपने हालिया टैरिफ संबंधी धमकी पर अमल करते हैं, तो अमेरिका चीन के सभी सामानों पर 25 प्रतिशत टैक्स लगा देगा. सिर्फ इसलिए कि चीन ईरान से तेल खरीदना जारी रखे हुए है. वहीं कुछ दिन पहले चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा था कि व्यापार युद्धों में कोई विजेता नहीं होता, और बीजिंग अपने वैध अधिकारों की दृढ़ता से रक्षा करेगा.













