
US ने रूस पर फोड़ा सैंक्शन बम... दो तेल कंपिनयों पर लगाया प्रतिबंध, EU ने भी बढ़ाई सख्ती
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अमेरिका ने रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर कड़े प्रतिबंध लगाए. इसका उद्देश्य युद्ध फंडिंग रोकना और रूस की अर्थव्यवस्था कमजोर करना है. EU ने भी 19वां सैंक्शन पैकेज लागू किया है, जिसमें पहली बार रूसी LNG पर रोक और सैकड़ों जहाजों पर बैन शामिल है.
US sanctions Russian oil companies: अमेरिका ने रूस की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं. इन प्रतिबंधों का मकसद रूस की युद्ध फंडिंग को रोकना और यूक्रेन में चल रहे युद्ध को खत्म करने की दिशा में दबाव बढ़ाना है. अमेरिका का कहना है कि जब तक रूस शांति वार्ता के लिए गंभीर नहीं होगा, ये कदम जारी रहेंगे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'आज का दिन बहुत बड़ा है. ये बेहद कड़े आर्थिक प्रतिबंध हैं, जो रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों पर लगाए गए हैं. हम उम्मीद करते हैं कि अब यह युद्ध खत्म हो जाएगा. हमने मिसाइलों और बाकी हथियारों से जुड़ी कई चीज़ों पर भी विचार किया, लेकिन हमें लगता है कि इसकी ज़रूरत नहीं पड़ेगी.'
उन्होंने रूस को साफ संदेश दिया कि 'उन्हें उसी लाइन पर वापस लौट जाना चाहिए, जहां से यह संघर्ष शुरू हुआ था. यह बहुत लंबे समय से चला आ रहा है, अब इसे खत्म होना चाहिए.'
ट्रंप ने बताया कि पिछले हफ्ते ही करीब 8,000 सैनिक मारे गए. जिनमें रूसी और यूक्रेनी दोनों शामिल थे. यह स्थिति हास्यास्पद है, और अब यह युद्ध रुकना चाहिए. उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि अब दोनों देश शांति चाहते हैं. यह संघर्ष लगभग चार साल से चल रहा है. अगर मैं उस समय राष्ट्रपति होता, तो यह युद्ध कभी शुरू ही नहीं होता.'
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विभाग विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) ने बयान में कहा कि रूस शांति प्रक्रिया में सीरियस नहीं दिखा रहा. इसलिए अमेरिका ने रूस एनर्जी क्षेत्र पर नया दबाव बनाया है ताकि उसकी युद्ध मशीन को चलाने के लिए होने वाली कमाई पर रोक लग सके. विभाग ने साफ कहा कि थायी शांति तभी संभव है जब रूस ईमानदारी से बातचीत करे.
प्रतिबंधों की नई लहर

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