
UP: यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में पढ़ाई जाएगी 'अयोध्या परंपरा संस्कृति विरासत'? VC ने जारी किया सर्कुलर
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चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा ने एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें विश्वविद्यालय और उससे जुड़े सभी कॉलेजों में "अयोध्या परंपरा संस्कृति विरासत" पुस्तक खरीदने पर विचार करने के लिए कहा गया है.
राम जन्म भूमि अयोध्या अब एक स्थान ही नहीं बल्कि पढ़ने, लिखने और समझने का विषय बनने जा रहा है. जिसे यूनिवर्सिटी और कॉलेज के छात्रों को पढ़ाया जाएगा. अगले एकेडमिक सत्र में इसे सिलेबस में भी शामिल किया जा सकता है. दरअसल, मेरठ की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में अयोध्या पर लिखी एक बुक 'अयोध्या परंपरा संस्कृति विरासत' को छात्रों के लिए उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है. यूनिवर्सिटी और उसके कॉलेज या संबंधित संस्थानों के छात्रों को इस बुक को पढ़ाने पर विचार चल रहा है.
चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा ने एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और उससे जुड़े सभी कॉलेजों में "अयोध्या परंपरा संस्कृति विरासत" पुस्तक खरीदने पर विचार करने के लिए कहा है. जिसमें चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के समस्त प्राचार्य /सचिव/ समस्त महाविद्यालय संस्थान /चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ को संबोधित करते हुए अयोध्या पुस्तक खरीदने पर विचार करने की बात कही गई है.
चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी (CCSU), मेरठ के कुलपति द्वारा जारी सर्कुलर में लिखा है कि किताब 'अयोध्या परंपरा संस्कृति विरासत' जो कि आगर्स बुक सर्विस नई दिल्ली द्वारा 180622 को प्राप्त हुई है, इसे संस्कृत एवं हिंदी भाषा में प्रकाशित किया गया है. इस किताब में दुर्लभ चित्रों का अद्भुत संग्रह है, यह पुस्तक सभी महाविद्यालयों संस्थानों परिसर के लिए उपयोगी रहेगी एक पुस्तक को अपने महाविद्यालय में खरीदने के लिए विचार करें.
हालांकि, दूसरी ओर इस मामले में चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि उन्होंने इस किताब को खरीदने के विचार करने की बात कही है, खरीदने के लिए कोई सर्कुलर जारी नहीं किया गया है.

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