
UP: बुलडोजर लेकर गई जिला प्रशासन और NGT टीम पर पथराव, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
AajTak
यूपी के बागपत जिले (UP Bagpat) के थाना दोघट क्षेत्र के भडल गांव में चमड़ा गलाने की 85 इकाइयां चल रही थीं. इससे गांव के लोगों को परेशानी हो रही थी. इन इकाइयों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के आदेश भी दिए गए थे.
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में NGT के आदेश के बाद जिला प्रशासन की टीम बुलडोजर (Bulldozer) लेकर 85 चर्म शोध इकाइयों को ध्वस्त करने पहुंची. इस दौरान लोगों ने विरोध करते हुए पुलिस प्रशासन की टीम पर पथराव कर दिया. पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी जमकर विरोध जताया. इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर मौके से लोगों को खदेड़ा, इसके बाद कार्रवाई करते हुए इकाइयों को ढहा दिया.
जानकारी के अनुसार, यह मामला दोघट थाना क्षेत्र का है. यहां भड़ल गांव में काफी समय से चमड़ा गलाने की 85 इकाइयों पर अवैध भट्टियां चलाई जा रही थीं. इससे गांव और आसपास के लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा था. इस मामले की कोर्ट में शिकायत के बाद NGT ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी इकाइयों को गांव से बाहर शिफ्ट करने के आदेश दिए, लेकिन इकाइयां गांव में ही चलाई जा रही थीं. इससे गांव में गंदगी ओर बदबू फैली रही थी. इसके चलते अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और इकाइयों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी.
यह भी पढ़ें: ‘बुलडोजर पर देशव्यापी स्टे नहीं लगा सकते’, जहांगीरपुरी पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में क्या-क्या हुआ
इस कार्रवाई का लोगों ने विरोध किया. ग्रामीणों ने कार्रवाई के विरोध में पथराव कर दिया. इससे अफरा तफरी का माहौल हो गया. महिलाओं ने भी बुलडोजर पर चढ़ने की कोशिश की. इस बीच विरोध करने वाले लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया और इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई. पथराव करने वाले कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है.
इस मामले में SDM पूजा चौधरी ने बताया कि कार्रवाई के लिए एनजीटी के आदेश थे. यहां घरों में अवैध रूप से चर्म शोधन का कार्य किया जा रहा था. इससे घरों के अंदर गंदगी से बदबू फैली हुई थी, जबकि इन्हें गांव के बाहर अलग से ये कार्य करने के लिए जमीन दे रखी है. इन्हें शिफ्ट होने के लिए कहा जा चुका है. एनजीटी और जिलाधिकारी ने कार्रवाई के आदेश दिए थे. यहां से शिफ्टिंग के लिए 85 इकाइयां हैं.

जिस समय दुनिया में भारत में चल रही AI समिट की वाहवाही हो रही थी. दुनिया के तमाम देशों के राष्ट्रप्रमुख भारत की क्षमताओं और लीडरशिप के कायल हो रहे थे. तब कांग्रेस की यूथ विंग का 'राजनीतिक विरोध'... कुंठा और हताशा की सारी सीमाओं को पार कर गया और फिर उन्होंने जो किया, उसे शर्मनाक, फूहड़ता, निर्लज्जता और 'राजनीतिक अधोपतन' ही कहा जा सकता है. कांग्रेस की यूथ विंग के कार्यकर्ताओं ने किसी पूर्व नियोजित योजना के तहत सुरक्षा घेरा तोड़कर AI समिट में प्रवेश किया.

आज की घटना में यूथ कांग्रेस के नेताओं ने मोदी विरोध में अपने कपड़े उतारकर AI Impact Summit में भारत को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर शर्मिंदा किया. इस प्रकार के विरोध को राजनीति नहीं कहा जा सकता क्योंकि यह देश के सम्मान के खिलाफ है. युवा नेताओं की इस हरकत ने देश की छवि को प्रभावित किया है. राजनीतिक विरोध करना अपनी बात सामने रखने का तरीका होता है लेकिन इस तरह के प्रदर्शन से देश के हितों को नुकसान होता है.

यह वीडियो कांग्रेस द्वारा AI समिट में किए गए विरोध प्रदर्शन पर केंद्रित है. दिल्ली पुलिस इस मामले में जांच कर रही है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. विपक्ष के विरोध ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या यह विरोध राजनीतिक साजिश के तहत किया गया है. इस दौरान यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे और प्रदेश की सकारात्मक विकास खबरों पर भी चर्चा की गई है. देखें खबरदार.

एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कुछ नेताओं ने आयोजन स्थल के भीतर विरोध प्रदर्शन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए गए और टी-शर्ट्स पर संदेश लिखे गए. समिट में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और कई वैश्विक कंपनियों के प्रमुख मौजूद थे. विरोध के समय और तरीके को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है.

'नफरत की राजनीति से सामाजिक ताना-बाना प्रभावित', कश्मीरी छात्रों पर हमलों की राहुल गांधी ने की निंदा
राहुल गांधी ने कश्मीरी छात्रों और शॉल विक्रेताओं पर बढ़ते हमलों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के संयोजक नासिर खुएहामी को पत्र लिखकर अपनी चिंता जताई. राहुल गांधी ने कहा कि नफरत की राजनीति ने देश के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर किया है और अल्पसंख्यकों के खिलाफ उत्पीड़न बढ़ा है.

रमजान के महीने में देश के कई हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं सामने आई हैं. खासकर मध्यप्रदेश के जबलपुर, हैदराबाद और कर्नाटक के बागलकोट में हालात तनावपूर्ण रहे. जबलपुर के सिहोरा इलाके में मंदिर और मस्जिद के बीच आरती और नमाज के समय विवाद हुआ जिसने तोड़फोड़ और पथराव को जन्म दिया. पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कार्रवाई कर रही है.

उत्तराखंड के पौड़ी जनपद के श्रीनगर में स्थित लोकप्रिय धारी देवी मंदिर के पास बहने वाली अलकनंदा नदी में बड़ा हादसा टल गया. नदी में दो बोटों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हुई जिसके कारण कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई. टक्कर के बाद एक चालक नदी में गिर गया जबकि दूसरी बोट अनियंत्रित होकर बीच धारा में घूमती रही. सौभाग्यवश चालक तैरकर सुरक्षित बाहर आ गया और बोट संचालकों की सूझबूझ से सभी सवार सुरक्षित बचा लिए गए.

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने इस इंटरव्यू ब्रिक्स करेंसी पर विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि हमने यह नहीं कहा कि हम ब्रिक्स करेंसी बनाएंगे. ब्रिक्स के अंदर नई करेंसी बनाने पर कोई बहस नहीं है. लेकिन यह जरूरी नहीं है कि ब्राजील और इंडिया के बीच ट्रेड डील US डॉलर में ही हो. हम इसे अपनी करेंसी में भी कर सकते हैं.





