
UP: जिला पंचायतों पर कब्जे की जंग, यादव-ओबीसी पर ही क्यों दांव खेल रही सपा?
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सपा अभी तक सूबे के दो दर्जन से ज्यादा जनपदों में जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रत्याशी का ऐलान कर चुकी है. जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सपा ने अपने कोर वोटबैंक यादव समुदाय पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है. इसके बाद मुस्लिम और ओबीसी पर दांव लगाया है. एक तरह से साफ है कि भले ही जिला पंचायत चुनाव हो, लेकिन सपा और बीजेपी दोनों की ही नजर 2022 पर है.
उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत की कुर्सी पर काबिज होने की जंग तेज हो गई है. सत्ताधारी बीजेपी सूबे के 50 से ज्यादा जिलों की जिला पंचायत की कुर्सी को कब्जाने की कवायद में तो सपा ने भी अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं. सपा अभी तक सूबे के दो दर्जन से ज्यादा जनपदों में जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रत्याशी का ऐलान कर चुकी है. जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सपा ने अपने कोर वोटबैंक यादव समुदाय पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है. इसके बाद मुस्लिम और ओबीसी पर दांव लगाया है. एक तरह से साफ है कि भले ही जिला पंचायत चुनाव हो, लेकिन सपा और बीजेपी दोनों की ही नजर 2022 पर है. किस समुदाय के किन कैंडिडेट को सपा ने उतारा?
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