
UP की इन सीटों पर लोगों ने कांग्रेस को कम, NOTA को दिए अधिक वोट
AajTak
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को कुल मिलाकर 2 सीट मिली हैं. पार्टी का प्रदर्शन पिछले दो विधानसभा चुनावों के मुकाबले भी काफी खराब रहा. कई सीटों पर तो कांग्रेस NOTA से भी पीछे रह गई गई.
NOTA vs Congress UP Election Result 2022: उत्तर प्रदेश में फिर योगी सरकार आ गई है. बीजेपी को अकेले 255 सीटें मिली हैं. वहीं कांग्रेस को यूपी में महज 2 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा.
यूपी में 10 से ज्यादा सीटें ऐसी रहीं जहां कांग्रेस को NOTA से भी कम वोट मिले हैं. कांग्रेस की स्थिति यूपी में लगातार खराब होती जा रही है. कांग्रेस ने यूपी चुनाव में जो दो सीट जीती हैं. उनमें प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट शामिल है, जो कांग्रेस का अजेय दुर्ग रही है. यहां से कांग्रेस की आराधना मिश्रा मोना ने जीत दर्ज की.
महाराजगंज की फरेंदा विधानसभा सीट से बेहद कांटे के मुकाबले में कांग्रेस के वीरेंद्र चौधरी ने बीजेपी के बजरंग बहादुर को 1,246 वोटों से परास्त किया. 2017 के चुनाव में कांग्रेस ने 7 सीटें जीतीं थी, वहीं 2012 में कांग्रेस के खाते में 22 सीटें थीं. हालांकि इस बार कांग्रेस ने ये चुनाव प्रियंका गांधी के नेतृत्व में लड़ा था, जिसमें महिला प्रत्याशियों को खूब टिकट बांटें गए थे.
महिलाओं के लिए कांग्रेस ने अपने मेनिफिस्टो में भी कई बड़ी घोषणाएं की थीं. कांग्रेस की इस चुनाव में कैंपेन लाइन "लड़की हूं, लड़ सकती हूं" था. महिलाओं को लेकर जिस तरह के वादे कांग्रेस ने किए थे, उसकी कई राजनैतिक विश्लेषकों ने तारीफ की थी. हालांकि, चुनावी नतीजों पर इसका असर नजर नहीं आया.
नोटा पड़ा कांग्रेस पर भारी यूपी के वोट शेयर की की बात की जाये तो NOTA के बटन पर 637,304 लोगों ने वोट दिया. जो कुल वोट शेयर का 0.7% रहा. अब बताते हैं आपको उन सीट के बारे में जहां कांग्रेस के उम्मीदवारों को नोटा से भी कम वोट मिले.
राज्यवार NOTA का क्या रहा हाल

गुजरात में सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद जनता का मिजाज क्या है, इसे लेकर WeePreside और CIF के राज्यव्यापी सर्वे के शुरुआती आंकड़े सामने आए हैं. 40 हजार से ज्यादा लोगों से बातचीत पर आधारित इस सर्वे में बीजेपी की बढ़त बरकरार दिखती है जबकि AAP दूसरे नंबर पर उभरती नजर आती है और कांग्रेस पीछे चल रही है.

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होने वाला है. कार्यकारिणी अध्यक्ष नितिन नबीन ने आज इस पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया. इस घोषणा के बाद दिल्ली में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच तेज़ हलचल देखने को मिली है. नितिन नबीन की बहन ने आजतक से बातचीत में क्या बताया? देखें वीडियो.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए नॉर्वे के प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है. पत्र का कुछ हिस्सा लीक हो गया है जिससे पता चला है कि ट्रंप शांति पुरस्कार न मिलने से झुंझलाए हुए हैं. वो कह रहे हैं कि दुनिया की शांति उनकी जिम्मेदारी नहीं है और वो ग्रीनलैंड को किसी भी तरह से अपने कब्जे में करेंगे.

वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने लंबित मामलों और सुनवाई केंद्रों की कमी पर चिंता जताई. कोर्ट ने 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' के आधार पर मतदाताओं के नाम हटाने पर कड़ी टिप्पणी की और सूची सार्वजनिक करने का निर्देश दिया. टीएमसी सांसद ने राजनीतिक दलों के BLAs को सुनवाई से दूर रखने का आरोप लगाया. चुनाव आयोग ने सफाई दी कि नाम हटाने का फैसला नहीं हुआ है. सुनवाई जारी है.

ग्रेटर नोएडा हादसे के चश्मदीद मनिंदर ने दावा किया कि युवराज को बचाने की कोशिश के बाद उन्हें पांच घंटे तक थाने में बैठाए रखा गया. मनिंदर का कहना है कि उन्होंने जो देखा, जो किया वही फिर से पुलिस वालों को बताया. वह कहते हैं कि इसके बाद भी उन्हें अपनी जान को खतरा महसूस हो रहा है. उनका आरोप है कि बड़े बिल्डर खुद को बचाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं.

सेंगर ने जेल में खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए सजा निलंबन की मांग की थी लेकिन सीबीआई और पीड़िता ने इसका कड़ा विरोध किया. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इनकार किया. सेंगर पहले से ही उन्नाव बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. इस फैसले को उनके लिए बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है.







