
UN में आया हमास-इजरायल के बीच सीजफायर का प्रस्ताव, जानिए भारत ने वोटिंग से क्यों बनाई दूरी?
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भारत ने इजरायल और फिलीस्तीन मुद्दे पर बातचीत के माध्यम से समाधान का समर्थन किया और संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजरायल फिलिस्तीन संघर्ष पर पेश किए गए प्रस्ताव से दूरी बनाकर रखी. भारत ने इस दौरान हमास के आतंकी कृत्य की निंदा भी की.
भारत ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में जॉर्डन द्वारा प्रस्तुत एक मसौदा प्रस्ताव पर मतदान से दूरी बना ली. इस प्रस्ताव का मकसद गाजा में "तत्काल, टिकाऊ और निरंतर मानवीय संघर्ष विराम" का आह्वान करना तो था लेकिन इसमें आतंकी कृत्य को अंजाम देने वाले समूह हमास का कोई उल्लेख नहीं किया गया था. इसी कारण भारत ने इस मसौदा प्रस्ताव पर मतदान करने से दूरी बना ली.
भारत ने वोटिंग से बनाई दूरी
मसौदा प्रस्ताव में गाजा पट्टी में निर्बाध मानवीय पहुंच का भी आह्वान किया गया था और इसे बांग्लादेश, मालदीव, पाकिस्तान, रूस और दक्षिण अफ्रीका सहित 40 से अधिक देशों द्वारा समर्थन दिया गया था. भारत के अलावा, वोटिंग से दूरी बनाने वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जर्मनी, जापान, यूक्रेन और यूके शामिल रहे.
"नागरिकों की सुरक्षा और कानूनी तथा मानवीय दायित्वों को कायम रखने" शीर्षक वाले प्रस्ताव के पक्ष में 120 वोट, विपक्ष में 14 वोट और अनुपस्थितों की संख्या 45 रही. भारत भी उन देशों में शामिल था, जिसने इस प्रस्ताव पर मतदान में हिस्सा नहीं लिया.
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भारत ने हमास के आतंकी कृत्य की जमकर की निंदा

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