
Ukraine Crisis: रूस ने मोस्कवा की तबाही का लिया बदला, नेप्च्यून मिसाइल बनाने वाले संयंत्र को उड़ाया
AajTak
युद्ध में बड़ा नाटकीय मोड़ तब आया जब यूक्रेन की तरफ से रूस का युद्धपोत Moskva तबाह कर दिया गया. अब रूस की तरफ से जवाबी कार्रवाई कर दी गई है. बताया गया है कि रूसी सेना ने कीव में ताबड़तोड़ मिसाइल हमला किया है.
रूस और यूक्रेन के बीच में भीषण युद्ध जारी है. युद्ध में बड़ा नाटकीय मोड़ तब आया जब यूक्रेन की तरफ से रूस का युद्धपोत Moskva तबाह कर दिया गया. अब रूस की तरफ से जवाबी कार्रवाई कर दी गई है. बताया गया है कि रूसी सेना ने कीव में ताबड़तोड़ मिसाइल हमला किया है. नेप्च्यून मिसाइल बनाने वाले संयंत्र को भी उड़ा दिया गया है.
अब रूस ने एक तय रणनीति के तहत नेप्च्यून मिसाइल बनाने वाले संयंत्र को अपने निशाने पर लिया है. ऐसी जानकारी है कि यूक्रेन की तरफ से रूसी युद्धपोत को इसी मिसाइल के जरिए तबाह किया गया था. ऐसे में भविष्य में यूक्रेन दोबारा ऐसा हमला ना कर सके, इसलिए सीधे संयंत्र को ही उड़ा दिया गया है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.










