
Tata Group: चेयरमैन को लेकर फंसा पेंच... कैसे चलती हैं Tata की 100 से ज्यादा कंपनियां, कौन घाटे में और किसे फायदा?
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Tata Group का इतिहास 156 साल पुराना है और भारत की आजादी से काफी पहले 1868 में एक ट्रेडिंग फर्म के रूप में इसकी शुरुआत की गई थी. आज दुनिया में इसका डंका बजता है. हालांकि, अभी ग्रुप में टाटा संस के चेयरमैन की नियुक्ति को लेकर पेंच फंसा नजर आ रहा है.
टाटा ग्रुप (Tata Group) देश के सबसे पुराने कारोबारी घरानों में शामिल है. बात घर की रसोई में इस्तेमाल होने वाले रोजमर्रा के सामानों की हो, या फिर हवाई जहाज से आसमान की सैर की, टाटा (Tata) का नाम आपको दिखाई दे ही जाएगा. ऐसा हो भी क्यों ना आखिर टाटा ग्रुप में 100 से ज्यादा लिस्टेड-अनलिस्टेड कंपनियां हैं और लगभग हर सेक्टर में इनका कारोबार फैला है.
फिर बात चाहे नमक, चाय-कॉफी की हो या फिर घड़ी-ज्वैलरी, कार या प्लेन की. फिलहाल की बात करें, तो Tata Sons के चेयरमैन के तौर पर एन चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर असमंजस की स्थिति बनी है, जिनका कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म हो रहा है. इस बीच क्या आप जानते हैं कि ग्रुप की सैकड़ों कंपनियों को कौन और कैसे संभालता है, इनसे जुड़े छोटे-बड़े फैसले कैसे लिए जाते हैं?
चेयरमैन की नियुक्ति पर कहां फंसा पेंच? सबसे पहले बताते हैं कि वर्तमान में टाटा ग्रुप के भीतर मची हुई हलचल के बारे में, तो Tata Sons Chairman एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल अगले साल फरवरी महीने में खत्म होने वाला है और बोर्ड उनके कार्यकाल विस्तर पर चर्चा कर रहा है. हालांकि, इस बीच नोएल टाटा की ओर से कुछ शर्तें भी रखी गई हैं, जिनके चलते पेंच फंस गया है. सूत्रों की मानें, तो बीते मंगलवार को टाटा संस के बोर्ड की बैठक में चंद्रशेखरन को तीसरी बार चेयरमैन के रूप में नियुक्त करने पर फैसला टाल दिया गया. बता दें कि नोएल टाटा Tata Trust के अध्यक्ष हैं और उनके पास समूह का दो-तिहाई हिस्सा है. बड़ा मामला टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर बताया जा रहा है, जिस पर सहमति नहीं बन पा रही है
156 साल पुराना Tata का इतिहास बता दें कि Tata Group का सफर भारत की आजादी से काफी पहले ही 1868 में शुरू हुआ था और ये एक ट्रेडिंग फर्म थी. अब इसका कारोबार देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में फैला हुआ है. टाटा ग्रुप का बिजनेस बहुत बड़ा है और शेयर बाजार (Stock Market) में लिस्टेड और अनलिस्टेड कंपनियों समेत करीब 100 सब्सडियरी कंपनियों से जुड़कर से अपनी धमक बनाए हुए है. टाटा का साम्राज्य 6 महाद्वीपों के करीब 100 से अधिक देशों में फैला है, जबकि 150 देशों में इसके प्रोडक्टस देखने को मिल जाएंगे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाटा ग्रुप में 10 लाख से ज्यादा ग्लोबल वर्कफोर्स है.
शेयर मार्केट में Tata की ये बड़ी कंपनियां लिस्ट
इनके अलावा टाटा ग्रुप की अलग-अलग सेक्टर्स में कई अनलिस्टेड कंपनियां भी हैं और ये ग्रुप की ये सभी बड़ी कंपनियां तमाम सब्सिडियरियों के साथ कारोबार करती हैं.













