
Tata और Hyundai के बीच नंबर 2 की जंग जारी! जानें इस महीने किसने बेची कितनी कारें
AajTak
Tata Motors का इलेक्ट्रिक व्हीकल पोर्टफोलियो काफी मजबूत है और बीते जुलाई महीने में कंपनी के इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री ने 53% की ग्रोथ दर्ज की है. वहीं Hyundai Exter के आ जाने के बाद टाटा पंच की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
जुलाई महीने की बिक्री रिपोर्ट सामने आनी शुरू हो चुकी हैं, बीता महीना ज्यादातर वाहन निर्माता कंपनियों के लिए मिला-जुला रहा है. इस बीच टाटा मोटर्स और साउथ कोरियन कार निर्माता कंपनी हुंडई के बीच नंबर दो के पोजिशन की जंग जारी रही. दोनों कंपनियों के बीच कार सेल्स रिपोर्ट में बहुत ही मामूली अंतर देखने को मिला है. एक तरफ टाटा की पंच रफ्तार पकड़ रही है तो दूसरी ओर हुंडई ने अपनी Exter को बाजार में उतार कर इस प्रतियोगिता को और भी दिलचस्प बना दिया है. तो आइये जानते हैं अप्रैल महीने में किसने बेची कितनी कारें-
Hyundai: 50,701 यूनिट्स
हुंडई ने आज एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी दी है कि, कंपनी ने बीते जुलाई महीने में घरेलू बाजार में 50 हजार से ज्यादा वाहनों की बिक्री की है. इस दौरान SUV पोर्टफोलियो ने कंपनी के सेल्स को बेहतर बनाने में पूरी मदद की है. हाल ही में लॉन्च हुई ब्रांड की सबसे सस्ती एसयूवी Exter को ग्राहकों से बेहतर प्रतिक्रिया मिल रही है, इसके अलावा क्रेटा, वेन्यू और अल्क़जार जैसे मॉडलों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है.
हुंडई ने बीते जुलाई महीने में कुल 66,701 यूनिट्स वाहनों की बिक्री की है, जिसमें घरेलू बाजार में बेचे गए 50,701 यूनिट्स और एक्सपोर्ट किए गए 16,000 यूनिट्स शामिल हैं. पिछले साल के जुलाई महीने में बेचे गए 63,851 यूनिट्स के मुकाबले यह आंकड़ा तकरीबन 4.46% ज्यादा रहा है. वहीं जुलाई-23 में कंपनी का एक्सपोर्ट भी 19% तक बढ़ा है, जो कि पिछले साल के जुलाई महीने में 13,351 यूनिट्स था.
Tata Motors: 47,689 यूनिट्स
टाटा मोटर्स की बिक्री पिछले साल के जुलाई महीने के मुकाबले थोड़ी कम रही है, बावजूद इसके कंपनी ने कुल 80 हजार से ज्यादा वाहनों की बिक्री की है. ये देश की तीसरी सबसे ज्यादा वाहन बेचने वाली कंपनी बनी है. टाटा मोटर्स की पंच, नेक्सॉन, टिगोर और टिएगो जैसे मॉडल शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन अब हुंडई की 6 लाख रुपये वाली Exter एसयूवी के बाजार में आने के बाद पंच की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं.

इलेक्ट्रिक गाड़ियों के साथ सबसे बड़ी चुनौती उन्हें चार्ज करने की होती है. रेंज एंजायटी जैसे शब्द इसी चिंता से निकले हैं, जहां लोगों को ये डर सताता रहता है कि जाने कब उनकी कार बंद हो जाए और उसे चार्ज कहां करेंगे. इसका निदान चीनी कंपनियां तेजी से खोज रही हैं. एक चीनी कंपनी ने सिर्फ 11 मिनट में फुल चार्ज होने वाली सोडियम-आयन बैटरी तैयार की है.












