
Shikha Srivastava Interview: राजनीति में आना चाहती हैं राजू श्रीवास्तव की पत्नी, बोलीं- उनका अधूरा सपना पूरा करूंगी
AajTak
Shikha Raju Srivastava Interview: राजू श्रीवास्तव की वाइफ शिखा ने बताया कि निधन से पहले 42 दिनों आईसीयू में आखिरकार किस तरह राजू जिंदगी के लिए लड़ते रहे. इसके अलावा इस बातचीत के दौरान शिखा ने ये भी बताया कि वो पॉलिटिक्स में जाकर उनके अधूरे ख्वाब को पूरा करेंगी.
अपने खास अंदाज और कॉमेडी से लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाले राजू श्रीवास्तव अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन फैंस के दिलों में वो हमेशा जिंदा रहेंगे. आज राजू श्रीवास्तव की बर्थ एनिवर्सरी है. कॉमेडियन का जन्म 25 दिसंबर को हुआ था. राजू के जाने के बाद पहली बार उनका परिवार राजू के बिना ही उनका जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहा है. इस मौके पर राजू श्रीवास्तव की पत्नी शिखा ने आज तक से कई चीजों पर बात की है.
राजू जी के कार्डियक अरेस्ट की जानकारी आपको कैसे मिली ?
राजू के छोटे भाई काजू जो कानपूर में रहते हैं. उनकी तबीयत ठीक नहीं चल रही थी. उनके ब्रेन में कुछ प्रॉब्लम आ रही थी. कानपुर से लखनऊ के बाद, काजू जी को दिल्ली के एम्स के लिए रेफर किया गया. राजू उसी दौरान एक टूर पर थे. राजस्थान से वापस आते समय वो दिल्ली में रुक गए. दो तीन दिन वो दिल्ली में भाई की देखभाल के लिए एक्स्ट्रा रुके थे.
एम्स में राजू ने ही डॉक्टर्स से बातचीत भी की थी. यकीन कीजिए, जिस डॉक्टर को काजू के लिए रेफर किया गया था, वही डॉक्टर राजू के साथ इन 42 दिनों तक रहे थे. खैर, राजू ने ऑपरेशन का डेट फिक्स कर लिया था. जिस दिन ऑपरेशन होना था, उसके एक दिन पहले काजू को एडमिट कर दिया गया था. काजू का जब ऑपरेशन शुरू हुआ, तो उन्होंने (राजू ने) काजू के बेटे से बात की और ऑपरेशन की जानकारी घर पर दी. इसके बाद उन्होंने दोबारा भतीजे को फोन कर पूछा कि ऑपरेशन हो गया. भतीजे ने कहा कि नहीं चाचा अभी तो अंदर ही हैं. शायद उन्हें अस्पताल जल्दी जाना था, इसलिए वो जिम जल्दी चले गए. दिल्ली वाले भईया अपने परिवार समेत पहले ही काजू की ऑपरेशन की वजह से अस्पताल में मौजूद थे. फैमिली मेरी एक तरह से अस्पताल में थी. कॉल पर बात करने के बाद वो जिम गए और फिर सुबह 12.05 में वो अस्पताल में एडमिट थे.
'एक अजीब सी बात यह हुई थी कि राजू जिस होटल में रूके थे, वो वहां से अपने दोस्त के घर पर सामान लेकर चले गए थे. दोस्त का घर एम्स अस्पताल के ठीक करीब था. राजू जिम मिस नहीं करते थे, तो उन्होंने एम्स के सामने वाला ही जिम चुना था. राजू को जब कार्डियक अरेस्ट आया, तो उन्हें मुश्किल से दस मिनट के अंदर अस्पताल में एडमिट करवाया गया था. यह सब चीजें बहुत फास्ट हुईं, जिम में हुए उस हादसे के फौरन बाद लखनऊ में मेरे भाई को कॉल गया था.'
जिम के ही किसी मेंबर ने राजनाथ जी को कॉल किया. राजनाथ जी ने फौरन एक्शन लेते हुए एम्स में सारे काम को जल्दी करवाया था. जब ये अस्पताल पहुंचे, तो उस वक्त पल्स, बीपी कुछ भी काम नहीं कर रहा था. कार्डियक अरेस्ट की वजह से बॉडी में ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो जाती है. सीपीआर के बाद जब वो रिवाइव हुए, तो उस दौरान ऑक्सीजन सप्लाई ब्रेन में प्रॉपर तरीके से नहीं पहुंच पाई थी. ऑक्सीजन सप्लाई न होने की वजह से उन्हें ब्रेन इंजरी हुई थी.













