
Sheezan Khan की बदनामी पर भड़कीं बहनें, बोलीं- हमारी चुप्पी को कमजोरी समझा गया
AajTak
तुनिशा शर्मा सुसाइड केस में एक्टर शीजान खान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. एक्टर को लेकर ढेरों दावे किए जा रहे हैं. ऐसे में शीजान की बहन फलक और शफक नाज ने बयान जारी किया है. इसमें उन्होंने लिखा, 'ये देखकर हमारा दिल टूट रहा है कि कैसे हमारी चुप्पी को हमारी कमजोरी समझा गया. शायद इसी को घोर कलयुग कहा जाता है.'
तुनिशा शर्मा सुसाइड केस में एक्टर शीजान खान की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. शीजान को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. इस बीच शीजान को लेकर कई बातें सामने आ रही हैं. तुनिशा की मां ने शीजान और उसके परिवार पर बड़े आरोप लगाए हैं. बताया गया था कि शीजान ने तुनिशा को थप्पड़ मारा था और उसे उर्दू पढ़ने और हिजाब पहनने को कहा करता था. भाई की बदनामी होने देख शीजान खान की बहनों ने बयान जारी किया है.
भाई की बदनामी से परेशान फलक और शफक
शीजान की बहन फलक और शफक नाज ने बयान जारी किया है. इसमें उन्होंने लिखा, 'ये देखकर हमारा दिल टूट रहा है कि कैसे हमारी चुप्पी को हमारी कमजोरी समझा गया. शायद इसी को घोर कलयुग कहा जाता है. कुछ मीडिया पोर्टल्स की रिसर्च कहां है जब वो चीजों की रिपोर्टिंग करते हैं. लोगों का कॉमन सेंस कहां है? जो भी लोग शीजान को बदनाम कर रहे हैं वो खुद से ये बात पूछें कि क्या आप सिचुएशन के आधार पर बात कर रहे हैं या एक धर्म की तरफ अपनी नफरत की वजह से बात कर रहे हैं? या फिर आप पिछली बातों के प्रभाव की वजह से बात कर रहे हैं? जाग जाओ यार.'
उन्होंने आगे लिखा, 'पत्रकारिता का एक सेक्शन इतना नीचे गिर गया है कि वो बस टीआरपी के आधार पर ही चलता है. और आप उसके उपभोक्ता हैं. आपकी भी ये बराबर की जिम्मेदरी है कि आप अविश्वसनीय सूत्रों से न्यूज रिपोर्ट ना करें. बेवकूफ ना बनें. ये देखना बहुत परेशान करने वाला है कि कैसे लोग शीजान को बदनाम करने में लगे हुए हैं. कहानियां बना रहे हैं. धर्म को बीच में घसीट रहे हैं. अनजाने लोग 15 मिनट के फेम के लिए कुछ भी दावे कर रहे हैं. इस सिचुएशन ने साबित कर दिया है कि कुछ लोग दूसरे को बदनाम करने कितना नीचे गिर सकते हैं. भगवान तुनिशा का भला करे. उम्मीद है उसे बेहतर जगह मिली होगी.'
शीजान के वकील ने कही बड़ी बातें
शनिवार, 31 दिसंबर को कोर्ट में शीजान खान की पेशी हुई थी. इस बारे में शीजान के वकील शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने दोबारा एक्टर की रिमांड की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने नकार दिया. शीजान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. चार याचिकाओं में से एक याचिका में घर का खाना और दवाई मंजूर किया गया है. शीजान के बाल काटने और उन्हें जेल में सुरक्षा देने पर 2 जनवरी को सुनवाई होगी. इस केस में सीक्रेट गर्लफ्रेंड थी या सीक्रेट बॉयफ्रेंड था, इसके सबूत हमने दे दिए हैं. सोमवार को सुबह 11 बजे हम जमानत अर्जी कोर्ट में डालेंगे.

आज बात पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दंगल की जहां टीएमसी और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला है. बंगाल की सियासत इस वक्त अपने चरम पर है, जहां हर बयान, हर कदम और हर मंच चुनावी रणनीति का हिस्सा बन चुका है. कल ईद के मौके पर मंदिर -मस्जिद का रंग देखने को मिला. ममता बनर्जी ने कोलकाता में ईद के मौके पर बीजेपी के घुसपैठिए वाले मुद्दे पर अबतक का सबसे बड़ा पलटवार किया. ईद-उल-फितर के मौके पर कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित एक बड़े धार्मिक कार्यक्रम में ममता ने पीएम मोदी को सबसे बड़ा घुसपैठिया बता दिया. ये वही मुद्दा है जिस पर पीएम मोदी लगातार ममता सरकार को घेर रहे हैं. ममता के बयान पर बीजेपी ने हार की हताशा में दिया गया बयान बताया. वहीं बीजेपी ने भी बंगाल में अपने वोटरों को मैसेज दिया है. शुभेंदु अधिकारी कालीघाट मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की और मां काली से आशीर्वाद मांगते हुए कहा कि बंगाल में घुसकर बांग्लादेशी घुसपैठियों ने बहुत अत्याचार किया है. बंगाल में अगले महीने दो चरण में वोटिंग होनी है. ऐसे में जैसे-जैसे तारीख नजदीक आएगी, बयान और भी तीखे होंगे और सियासी चालें और भी पेचीदा. लेकिन सवाल ये कि क्या बंगाल मंदिर-मस्जिद की राजनीति से बाहर निकल पाएगी. इस बार बंगाल में किस पार्टी की नैरेटिव का सिक्का चलेगा. बीजेपी-टीएमसी की आमने-सामने की लड़ाई में आखिर कांग्रेस और कभी 34 साल तक लगातार सरकार में रहने वाली लेफ्ट क्या कर रही है.

दिल्ली में जद (यू) के पूर्व नेता केसी त्यागी ने रविवार को राष्ट्रीय लोक दल जॉइन कर लिया. उन्होंने जयंत चौधरी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली. इससे पहले मंगलवार को उन्होंने बिना कारण बताए जद (यू) से इस्तीफा दिया था. 2003 से पार्टी से जुड़े त्यागी महासचिव, प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं.

पंजाब की मान सरकार की 'एकमुश्त निपटान स्कीम' को व्यापारियों का भारी समर्थन मिला है. पुराने टैक्स बकाये के जरिए अब तक सरकारी खजाने में 111.16 करोड़ रुपये आ चुके हैं. हालांकि, इस राहत का फायदा सिर्फ 31 मार्च तक ही उठाया जा सकता है. इसके बाद सरकार नरम रुख छोड़कर सख्त एक्शन लेगी और करीब 8,000 संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी.

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 23वां दिन है. अब ये जंग परमाणु प्लांट पर हमलों तक पहुंच गई है. एक दिन पहले इजरायल ने नतांज में ईरान के न्यूक्लियर प्लांट को टारगेट किया, जिसके जवाब में ईरान ने डिमोना और अराद शहरों पर भीषण हमला कर दिया. ईरान के ये हमले युद्ध को और भीषण बना सकते हैं क्योंकि अब इजरायल तेहरान में लगातार कई ठिकानों को निशाना बना रहा है. नेतन्याहू ने इस समय को इजरायल के अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई का एक चुनौतीपूर्ण पड़ाव बताया है. वहीं ईरान दावा कर रहा है कि डिमोना और अराद पर हमले के बाद युद्ध का पूरा समीकरण बदल गया है.

विश्व जल दिवस पर 'जल है तो कल है' जैसे नारे सुनने में तो अच्छे लगते हैं, लेकिन जमीन पर हकीकत आज भी बहुत कड़वी है. सरकारी कागजों में 'हर घर जल' के बड़े-बड़े दावे तो दिखते हैं, पर असलियत में आज भी लोगों को प्यास बुझाने के लिए दूर-दूर तक पैदल चलना पड़ रहा है. कई परिवारों को तो पानी के लिए खुद कुएं तक खोदने पड़ रहे हैं. जब तक पानी के लिए यह जानलेवा संघर्ष और लंबी कतारें खत्म नहीं होतीं, तब तक ये जल दिवस सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख बनकर ही रह जाएगा.








