
Sensex-Nifty में आज आएगा उछाल? जापान, दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में तूफानी तेजी
AajTak
पिछले दो कारोबारी दिनों में भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में भारी गिरावट देखने को मिली है. दो कारोबारी दिनों के दौरान निवेशकों के 20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम साफ हो गई. इसका सबसे बड़ा कारण अमेरिका में मंदी (Recession in US) की आशंका है.
पिछले दो कारोबारी दिनों में भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में भारी गिरावट देखने को मिली है. दो कारोबारी दिनों के दौरान निवेशकों के 20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम साफ हो गई. इसका सबसे बड़ा कारण अमेरिका में मंदी (Recession in US) की आशंका है. इसके अलावा जापाना सरकार ने रेट में बढ़ोतरी की है, जबकि ईरान-इजरायल के बीच युद्ध की संभावना ने मार्केट में बड़ी गिरावट लाई है. हालांकि अब दुनिया के कुछ शेयर बाजारों में तेजी देखी जा रही है.
जापान (NIKKEI 225) और दक्षिण कोरिया (COSPI) के स्टॉक एक्सचेंज में आज शुरुआती कारोबार में 11 प्रतिशत तक की उछाल आई, जबकि पिछले सत्र में भारी गिरावट आई थी, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार में अभी गिरावट जारी है. वहीं हांगकांग के शेयर बाजार में मामूली तेजी देखी गई है. ऑस्ट्रेलियाई बाजार भी मामूली तेजी के साथ खुला है. ऐसे में क्या आज सेंसेक्स और निफ्टी में सुधार होगा?
गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत?
सुबह 7.04 बजे गिफ्ट निफ्टी 195.50 अंक या 0.81 प्रतिशत बढ़कर 24,317.50 पर कारोबार कर रहा था, जो घरेलू बाजार के लिए मजबूत शुरुआत का संकेत देता है. हालांकि अमेरिका में मंदी की आशंका ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है, लेकिन येन कैरी ट्रेड्स में कमी, ईरान द्वारा कभी भी इजरायल पर हमला किए जाने की आशंका, भारत में निराशाजनक तिमाही नतीजे और ऊंचे मूल्यांकन ने उथल-पुथल को और बढ़ा दिया है.
3 प्रतिशत टूटकर बंद हुए अमेरिकी शेयर बाजार
अमेरिकी शेयर बाजार रातों-रात 3 प्रतिशत तक गिरकर बंद हुए. इससे पहले, सोमवार को Sensex 2,222.55 अंक या 2.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,759.40 पर बंद हुआ था. Nifty 662.10 अंक या 2.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,055.60 पर बंद हुआ. यह Nifty के 23 जुलाई के 24,074.20 के निचले स्तर से काफी कम है.

वेस्ट एशिया में छिड़ी जंग के बाद पैदा हुए हालातों पर प्रधानमंत्री लोकसभा को संबोधित कर रहे हैं. इस बीच उन्होंने कहा कि अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है. इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है. इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है.












