
Russia-Ukraine War: रेडियो एक्टिव सुनामी पैदा करने वाली पनडुब्बी! रूस ने आखिर समंदर में क्यों उतारी?
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कीव और खारकीव में रूस ने हमले भले धीमे कर दिए, लेकिन फिलहाल सीजफायर के आसार बनते नहीं दिख रहे हैं. रूस पहले परमाणु हमले की धमकी दे चुका है और अब पुतिन ने उत्तर अटलांटिक महासागर में अपनी परमाणु पनडुब्बियों को रवाना कर दिया है. उत्तर अटलांटिक महासागर क्षेत्र में यूरोप के कई देश हैं. इस मोर्चेबंदी से पुतिन अमेरिका और नेटो देशों पर दबाव बनाना चाहते हैं, जिसे देखकर लगता है कि युद्ध अभी लंबा चलने वाला है. वर्चस्व और शक्ति विस्तार की लड़ाई में इस वक्त दौर चल रहा है प्रेशर पॉलिटिक्स का. प्रेशल पॉलिटिक्स ही कहिए कि बाइडेन बेल्जियम और पोलैंड की यात्रा पर आए. उन्होंने G7, नेटो के 30 देशों के साथ बैठक की.

अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर जारी होने वाले विशेष सोने के सिक्के को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. प्रस्तावित सिक्के पर डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर छापने के फैसले ने कानूनी और राजनीतिक बहस छेड़ दी है. जहां ट्रंप समर्थक इसे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बता रहे हैं.

जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने रविवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाने का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने कहा है कि यदि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर हो जाता है तो जापान होर्मुज जलडमरूमध्य में बिछी समुद्री बारूदी सुरंगों (नेवल माइंस) को हटाने के लिए अपने अत्याधुनिक 'माइनस्वीपर' जहाज तैनात करेगा.

ईरान जंग से तेल $112 प्रति बैरल तक पहुंच रहा है. एयरलाइंस उड़ानें काट रही हैं. ट्रांसपोर्ट महंगा हो रहा है. जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश में फ्यूल राशनिंग शुरू हो गई है. IEA का 10-पॉइंट प्लान आ गया है. दुनियाभर की सरकारें इसे एनर्जी सिक्योरिटी कहेंगी, लेकिन असर लॉकडाउन जैसा दिखना शुरू हो चुका है. इस बार चेतावनी भी नहीं मिलेगी.

जापान ने कहा है कि अगर इजरयाल-अमेरिका का ईरान के साथ जो युद्ध जल रहा है, उसपर अगर पूरी तरह से विराम लगता है तो वह होर्मुज के रास्ते से माइंस हटाने का सोचेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो दिन पहले ही जापान के प्रधानमंत्री से मुलाक़ात की थी. इस मुलाक़ात के बाद जापान की ओर से यह बयान जारी किया गया है.

ईरान ने दक्षिण इजरायल के अराद और डिमोना में भीषण मिसाइल हमले किए है. इजरायली विदेश मंत्रालय के मुताबिक इस हमले में बच्चों समेत 100 से ज्यादा लोग घायल है. ईरान ने इन हमलों के लिए बैलिस्टिक मिसािलों का इस्तेमाल किया और डिमोनो शहर जहां इजरायल का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र के पास ये हमला हुआ, जो कि बड़ा चिंता का विषय है.








