
Russia-Ukraine War: यूक्रेन में फंसे हजारों भारतीय छात्र, सरकार ने जारी की एडवाइजरी, देखें शंखनाद
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खारकीव में हुई गोलाबारी ने 21 साल के भारतीय छात्र की जान ले ली. गोलाबारी में मारे गए भारतीय छात्र का नाम नवीन था और वो कर्नाटक के चलागेरी के रहने वाले थे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने रूस-यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध में भारतीय छात्र की मौत की जानकारी दी. यूक्रेन में दिनों-दिन बिगड़ रहे हालात और गोलाबारी में भारतीय छात्र की मौत चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि अब भी करीब 15 हजार भारतीय छात्र यूक्रेन के अलग-अलग शहरों में फंसे हुए हैं. सबसे ज्यादा संकट राजधानी कीव में है, जिसे चारों ओर से घेरने की लिए रूसी सेना का जत्था, तेजी से बढ़ता जा रहा है. बिगड़ते हालात के बीच कीव में फंसे भारतीय के लिए सख्त एडवाइजरी जारी हुए है. देखें शंखनाद.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

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