
Russia-Ukraine war: युद्ध के बीच रूस ने दिया बातचीत का प्रस्ताव लेकिन यूक्रेन को मंजूर नहीं जगह, दिए ये नए नाम
AajTak
व्लादिमीर ज़ेलेंस्की ने बेलारूस के नागरिकों के लिए अपील की और कहा कि उन्होंने रूस से बातचीत से इनकार कर दिया है. बता दें कि इससे पहले 25 फरवरी को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बातचीत का न्योता भेजा था.
यूक्रेन और रूस के बीच जंग का आज चौथा दिन है. लिहाजा रूस के हमले अब बेकाबू होते जा रहे हैं. सुबह से ही यूक्रेन रूसी सैनिकों के हमले से सहमा हुआ है. उधर, रूस के राष्ट्रपति भवन 'क्रेमलिन' ने कहा है कि बेलारूस में यूक्रेन के साथ रूस बातचीत के लिए तैयार है. ये जानकारी रूसी समाचार एजेंसियों की ओर से दी गई है. इस ऑफर के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने मिन्स्क में शांति वार्ता के ऑफर को ठुकरा दिया. उन्होंने कहा कि यूक्रेन अन्य स्थानों पर बातचीत के लिए तैयार है.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











