
Russia-Ukraine War: क्या यूक्रेन के पास रासायनिक और जैविक हथियार हैं? चौंकाने वाला है अमेरिका का बयान
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Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन जंग के बीच अब जैविक और रासायनिक युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है. दोनों देश अब एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने उतर आए हैं. रूस के समर्थन में जहां चीन खड़ा हो गया है, वहीं यूक्रेन की अमेरिका तरफदारी कर रहा है.
रूस को यूक्रेन में अपने सैन्य ऑपरेशन के दौरान वहां (यूक्रेन में) जैविक हथियार बनाने के मजबूत सबूत मिले हैं. खुद अमेरिकी उप विदेश मंत्री विक्टोरिया नूलैंड ने अपने बयान से रूस की बात मान ली है. जैविक हथियार रूस पर खतरा बढ़ाने का जरिया है जिसे पेंटागन वित्तीय मदद दे रहा था. ज़ाहिर है रूस इसे लेकर अमेरिका पर और हमलावर हो चुका है. रूस का दावा है कि अमेरिका युद्ध में रासायनिक और जैविक हथियारों का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा है.
अमेरिका पर जैविक हथियारों के इस्तेमाल पर रूस को अब खुले तौर पर चीन का साथ मिल गया है. चीन के विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिये ये दावा किया कि अमेरिका, यूक्रेन में जैविक हथियारों का निर्माण कर रहा है.
'हम यूक्रेनियन के साथ काम कर रहे'
अमेरिका की उप विदेश मंत्री विक्टोरिया नूलैंड के मुताबिक, यूक्रेन में जैविक अनुसंधान (रिसर्च) सुविधाएं हैं. हम चिंतित हैं कि रूसी सेना उन पर नियंत्रण करने की कोशिश कर सकती है इसलिए हम यूक्रेनियन के साथ काम कर रहे हैं कि इन शोध सामग्री को रूसी सेना के हाथों में आने से कैसे रोका जाए?
26 जैविक लैब अकेले यूक्रेन में
रूस ने यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई के दौरान दावा किया है कि वहां ख़तरनाक वायरस स्टोर किए गए हैं जिन्हें अमेरिका हथियारों के तौर पर इस्तेमाल कर सकता है. अमेरिका के पास 30 देशों में 336 जैविक अनुसंधान लैब हैं, जिनमें 26 लैब अकेले यूक्रेन में हैं. अमेरिका को इन लैब के बारे में अपने देश और विदेश में अपनी जैविक सैन्य गतिविधियों की पूरा जानकारी देनी चाहिए.

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