
Russia-Ukraine War: अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने के लिए रूस ने चला 'तुरुप का इक्का'!
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रूस की निगाहें इस समय ब्रसेल्स पर होगीं कि नाटो, जी-7 और ईयू की आपात बैठक में क्या फैसले लिए जाते हैं? अमेरिका और यूरोपीय देश वैसे तो पहले ही सख्त पाबंदियों का एलान कर चुके हैं. लेकिन अब कोई नई तैयारी है. फिलहाल रूस ऊपरी तौर पर बेफिक्र नजर आता है. इसकी वजह ये भी है कि रूस के पास अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने के लिए 'तुरुप का इक्का' हैं. आजतक संवाददाता गौरव सावंत से समझाए मायने. देखें

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











