
Ramadan 2026: रहमत का असरा जारी, रमजान में रोजा-नमाज के जरिए अल्लाह को राजी करने में जुटे रोजेदार
ABP News
Ramadan 2026: माह-ए-रमजान में रोजेदार रोजा-नमाज के जरिए अल्लाह को राजी करने में जुटे हुए हैं. आज रमजान का सातवां रोजा रोजेदारों ने अल्लाह तआला की इबादत में गुजारा और 26 फरवरी को आठवां रोजा रखा जाएगा.
Ramadan 2026: माह-ए-रमजान का सातवां रोजा रोजेदारों ने अल्लाह तआला की इबादत में गुजारा. जब दुआ में हाथ उठा तो दिल से यही सदा निकली 'या इलाही हर जगह तेरी अता का साथ हो, जब पड़े मुश्किल शहे मुश्किल कुशा का साथ हो'. तरावीह की नमाज जारी है. बाजार में चहल-पहल है. दिन व रात खुशगवार है.
घर व मस्जिद में कुरआन-ए-पाक व दुरूद ओ सलाम पढ़ा जा रहा है. घरों में महिलाओं की जिम्मेदारी बढ़ गई है. इफ्तार व सहरी में दस्तरख्वान बेहतरीन खानों से सजा नजर आ रहा है. रहमत का अशरा जारी है. दस रोजा पूरा होने के बाद मगफिरत का अशरा शुरु होगा.
रोजा रखने से इंसान तंदुरुस्त हो जाता है: हाफिज नजरे आलम
मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया दीवान बाजार के प्रधानाचार्य हाफिज नजरे आलम कादरी ने बताया कि रोजा रखने से इंसान तंदुरुस्त हो जाता है. हदीस शरीफ में है रोजा रखो सेहतयाब हो जाओगे. रमजान के पवित्र माह में रोजा रखने से पाचन क्रिया और अमाशय को आराम मिलता है. सालों-साल लगातार काम करने के कष्ट से शरीर की इन मशीनरियों को कुछ दिनों तक आराम मिलता है. इस दौरान आमाशय शरीर के भीतर फालतू चीजों को गला देता है. यह लंबे समय तक रोगों से बचे रहने का एक कारगर नुस्खा है.













