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Quad Summit 2022: भारत पर खड़े हुए सवाल तो जापान के प्रधानमंत्री ने दिया दो टूक जवाब

Quad Summit 2022: भारत पर खड़े हुए सवाल तो जापान के प्रधानमंत्री ने दिया दो टूक जवाब

AajTak
Tuesday, May 24, 2022 02:38:47 PM UTC

क्वॉड देशों के नेताओं की बैठक के बाद पत्रकारों ने जापान के पीएम फुमियो किशिदा से भारत को लेकर सवाल किया. रूस पर भारत के रुख पर सकारात्मकता दिखाते हुए जापानी पीएम ने कहा कि सभी देशों की ऐतिहासिक और भोगौलिक स्थिति अलग होती है. जरूरी नहीं कि एक जैसा सोचने वाले देश हर मुद्दे पर एक-दूसरे से सहमत हों.

Quad Summit 2022: जापान में मंगलवार को संपन्न क्वॉड देशों की बैठक में रूस-यूक्रेन का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा. भारत को छोड़कर बाकी सभी सदस्य देश (अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) रूसी हमले की कड़ी निंदा करते हुए रूस पर कई तरह के कड़े प्रतिबंध लगा चुके हैं. लेकिन भारत ने न तो अब तक रूसी आक्रमण की आलोचना की है और न ही रूस के साथ अपने व्यापारिक संबंध तोड़े हैं. भारत शांतिपूर्ण तरीके से मसले के कूटनीतिक हल पर जोर देता रहा है. भारत के इसी रुख को लेकर जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा से सवाल किया गया.

क्वॉड नेताओं की मुलाकात के बाद समापन के दौरान उनसे सवाल किया गया कि रूस पर भारत के रुख से क्वॉड पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

इस प्रश्न का जवाब जापानी प्रधानमंत्री ने बड़े ही सावधानी से देते हुए कहा, 'अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखें तो प्रत्येक देश की अपनी एक ऐतिहासिक और भौगोलिक स्थिति होती है. एक समान विचारधारा रखने वाले देशों के साथ भी ऐसा हो सकता है कि वो किसी एक स्थिति पर एक-दूसरे से पूरी तरह से सहमत न हों.  यह स्वाभाविक है. लेकिन एक संगठन के रूप में, क्वॉड देशों के बीच आपसी समझ और सहयोग को बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा.'

  पीएम किशिदा ने कहा कि यूक्रेन की स्थिति को लेकर क्वॉड से सभी सदस्य देश सहमत हैं कि कानून का शासन और क्षेत्रीय अखंडता का महत्व बना रहना चाहिए.

उन्होंने कहा, 'यूक्रेन की स्थिति पर भारत सहित चार देशों के नेताओं के बीच इस बात को लेकर सहमति है कि कानून का शासन, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता जैसे विभिन्न सिद्धांतों का महत्व बना रहना चाहिए. किसी भी क्षेत्र में एकतरफा तरीके से यथास्थिति में बदलाव की अनुमति नहीं दी जाएगी.

जापान के पीएम ने यूक्रेन पर रूसी हमले की निंदा करते हुए कहा कि टोक्यो में क्वॉड नेताओं की मुलाकात ने पूरी दुनिया को एक शक्तिशाली संदेश दिया है कि हम इस मुद्दे को लेकर प्रतिबद्ध हैं.

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