Pradosh Vrat 2021: सावन का आखिरी प्रदोष व्रत आज, इस पूजन विधि से होगी महादेव की कृपा
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शुक्रवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को शुक्र प्रदोष कहा जाता है. शुक्र प्रदोष के दिन भगवान शिव के साथ शुक्र ग्रह का भी पूजन किया जाता है. शुक्र प्रदोष का व्रत रखने और कुछ विशेष उपाय करने से विवाह संबंधी समस्याएं दूर हो जाती है. आज के दिन कुछ खास उपाय करने से ग्रह दोष समाप्त हो जाते हैं.
आज सावन का आखिरी प्रदोष व्रत है. 23 अगस्त से भाद्रपद की शुरुआत हो जाएगी और सावन महीने का समापन हो जाएगा. शुक्रवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को शुक्र प्रदोष कहा जाता है. माना जाता है कि आज के दिन भगवान शिव भक्तों से जल्द प्रसन्न होते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. प्रदोष व्रत करने से भगवान शिव की विशेष कृपा मिलती है. सावन का आखिरी प्रदोष व्रत होने से इसका महत्व और बढ़ जाता है.
आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.

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