
PM मोदी ने बर्थडे पर स्केच देखा तो ये दिया रिएक्शन, पढ़िए चीता मित्र कुलदीप की जुबानी
AajTak
कुलदीप ने बताया कि वे श्योपुर जिले के सीलोरिया गांव के रहने वाले हैं और 12वीं में पढ़ते हैं. कुलदीप रोजाना पास के सेसईपुरा गांव में कोचिंग करने जाते हैं. उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले कोचिंग सेंटर पर वन विभाग की टीम आई थी. यहां स्टूडेंट्स का चीता मित्र के लिए इंटरव्यू लिया गया. सामान्य ज्ञान की जानकारी भी ली गई.
देश में 70 साल बाद एक बार फिर चीतों की वापसी हुई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के मौके पर शनिवार को 8 चीतों को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा. यहां प्रधानमंत्री ने चीता मित्रों से मुलाकात भी की और उनसे वन्य जीवों के बारे में जानकारी ली. मोदी को जन्मदिन पर एक चीता मित्र ने खास गिफ्ट भी दिया. एक अन्य चीता मित्र ने कविता सुनाकर मोदी का जीत लिया. पीएम को अपने बीच पाकर चीता मित्र भी गदगद देखे गए. आजतक ने चीता मित्र कुलदीप से बात की और उनसे चयन से लेकर मुलाकात तक की पूरी कहानी जानी....
कुलदीप ने बताया कि वे श्योपुर जिले के सीलोरिया गांव के रहने वाले हैं और 12वीं क्लास में पढ़ते हैं. कुलदीप रोजाना पास के सेसईपुरा गांव में कोचिंग पढ़ने जाते हैं. उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले कोचिंग सेंटर पर वन विभाग की टीम आई थी. यहां स्टूडेंट्स का चीता मित्र के लिए इंटरव्यू लिया गया. इसके साथ ही सामान्य ज्ञान की जानकारी ली गई. स्टूडेंट्स का नॉलेज परखने के बाद विभाग ने पीएम के कार्यक्रम के लिए उनका चयन किया.
पीएम को जन्मदिन पर भेंट किया स्केच
कुलदीप बताते हैं कि उन्हें पता था कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है, इसलिए उन्होंने मुलाकात से पहले खास तैयारी भी की थी और पीएम का एक स्केच बनाया था. इसमें ऊपर चीता और नीचे पीएम की तस्वीर थी. स्केच पर Happy Birthday लिखा था. शनिवार को जब पीएम से मिलना हुआ तो उन्हें अपने हाथ से तैयार किया गया स्केच भेंट किया और जन्मदिन की बधाई दी.
पीएम बोले- तुम्हें मालूम था मेरा जन्मदिन?

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









