
PM मोदी की तस्वीर पर ब्रिटेन की संसद में क्यों मचा हंगामा?
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ब्रिटेन में हुए एक उपचुनाव के दौरान ब्रिटेन की विपक्षी पार्टी यानी लेबर पार्टी ने एक ऐसा पर्चा छापा था जिसमें मोदी और बोरिस जॉनसन की तस्वीर थी. जिस पर लिखा था कि टोरी सांसद का रिस्क न लें जो आपकी साइड नहीं है. एक तरह से इस पर्चे के माध्यम से ये दिखाने की कोशिश की गई कि जॉनसन और मोदी दोस्त हैं. इसलिए जॉनसन को वोट न करे. बोरिस जॉनसन ने इसे नस्लभेदी बताते हुए विपक्षी पार्टी से कहा है कि वो इस चुनाव सामग्री को वापस लें.
भारत और ब्रिटेन एक दूसरे को अच्छे दोस्त के रूप में देखते रहे हैं. लेकिन वहां की विपक्षी पार्टी ने उपचुनाव के दौरान ऐसी चुनाव सामग्री प्रचारित की जिसका एंटी इंडिया कह कर के विरोध किया गया. ब्रिटेन में हुए एक उपचुनाव के दौरान ब्रिटेन की विपक्षी पार्टी यानी लेबर पार्टी ने एक ऐसा पर्चा छापा था जिसमें मोदी और बोरिस जॉनसन की तस्वीर थी. इस पर लिखा था “Don’t risk a Tory MP who is not on your side”. यानी टोरी सांसद को जिताने का रिस्क न लें जो आपकी साइड नहीं है. इस फोटो को ऐसे दिखाया गया कि मोदी और जॉनसन दोस्त हैं इसलिए जॉनसन की पार्टी को वोट न दें. बहुत से भारतीय प्रवासियों ने इसे 'एंटी इंडिया' करार दिया. (File photo from Reuters) मोदी और बोरिस जॉनसन के फोटो का विवाद एक बार फिर ब्रिटेन की संसद में गूंज उठा है. बोरिस जॉनसन ने इसे नस्लभेदी बताते हुए विपक्षी पार्टी से कहा है कि वो इस चुनाव सामग्री को वापस ले. मोदी और जॉनसन का ये फोटो साल 2019 में हुए जी-7 सम्मेलन का है. जिसमें दोनों देशों के प्रधानमंत्री हाथ मिलाते हुए नजर आ रहे हैं. लेबर पार्टी ने उपचुनाव के दौरान नकारात्मक रूप से प्रचार करने का मुद्दा एक बार फिर उठ गया है. (Photo: Reuters)
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