
Operation Sindoor: भारत-PAK जंग को चीन ने बनाया अपने हथियारों का टेस्टिंग ग्राउंड, बड़ा खुलासा
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अमेरिकी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मई 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष (ऑपरेशन सिंदूर) को चीन ने अपने नए हथियारों (HQ-9, PL-15, J-10) का पहला असली युद्ध परीक्षण बनाया. चीनी दूतावासों ने हथियारों की सफलता का प्रचार किया. राफेल जेट को बदनाम करने के लिए फेक सोशल मीडिया कैंपेन चलाया ताकि अपने J-35 जेट बेच सके.
एक नई अमेरिकी रिपोर्ट ने दावा किया है कि चीन ने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए छोटे संघर्ष को अपने नए सैन्य हथियारों का परीक्षण और प्रचार करने के लिए इस्तेमाल किया. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने इस मौके का फायदा उठाकर अपने हथियारों की ताकत दिखाई, लेकिन खुद संघर्ष में सीधे शामिल नहीं हुआ.
यह रिपोर्ट अमेरिका की कांग्रेस की एक समिति, यूएस-चाइना इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन ने जारी की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने भारत-पाकिस्तान के बीच हुए चार दिन के संघर्ष को एक जीवंत परीक्षण मैदान की तरह इस्तेमाल किया. इससे चीन को अपने हथियारों के बारे में असली डेटा मिला. वह उन्हें दुनिया में बेचने के लिए प्रचार कर सका.
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रिपोर्ट में लिखा है कि बीजिंग ने इस संघर्ष का फायदा उठाया ताकि अपने हथियारों की ताकत और ऑथेंटिसिटी की परीक्षण और विज्ञापन कर सके. यह चीन की भारत के साथ सीमा विवाद और उसकी बढ़ती रक्षा उद्योग की महत्वाकांक्षाओं के लिए उपयोगी था.
यह संघर्ष 7 से 10 मई 2025 तक चला. यह जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले से शुरू हुआ. 26 आम नागरिक मारे गए. भारत ने इस हमले का जिम्मेदार पाकिस्तान के हैंडलर्स को ठहराया. ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया. भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी शिविरों पर हमला किया.
पाकिस्तान ने जवाब में मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, लेकिन भारत ने उन्हें रोक लिया या नष्ट कर दिया. फिर भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान के कई एयरफील्ड को नष्ट कर दिया. खिरकार, 10 मई को युद्धविराम हो गया. यह दो परमाणु हथियारों वाले पड़ोसी देशों के बीच सालों में सबसे तीव्र संघर्ष था.

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