
'NATO देशों की एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं करने देंगे,' जो बाइडन की पुतिन को चेतावनी
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राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार शाम (भारतीय समय अनुसार) यूक्रेन के कब्जाए गए चारों इलाकों रूस का औपचारिक हिस्सा घोषित कर दिया है. क्रेमलिन में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने डोनेट्स्क, लुहान्स्क, जापोरिजिया, खेरसॉन को अपने देश में शामिल करने के आधिकारिक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक बार फिर रूस को चेतावनी दी है. उन्होंने व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन पर बड़ा बयान दिया है. बाइडन ने कहा कि अमेरिका नाटो देशों के क्षेत्र की हर एक इंच जमीन की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है. हम नाटो के सहयोगियों के साथ खड़े हैं. इसलिए मिस्टर पुतिन मैं जो कह रहा हूं, उसे गलत मत समझिए. मैं अपने सहयोगियों के करीबी संपर्क में हूं और आज हम फिर नए प्रतिबंध की घोषणा कर रहे हैं.
बता दें कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार शाम (भारतीय समय अनुसार) यूक्रेन के कब्जाए गए चारों इलाकों रूस का औपचारिक हिस्सा घोषित कर दिया है. क्रेमलिन में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने डोनेट्स्क, लुहान्स्क, जापोरिजिया, खेरसॉन को अपने देश में शामिल करने के आधिकारिक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए. कार्यक्रम में पुतिन ने जमकर पश्चिमी देशों पर निशाना साधा. उन्होंने यूक्रेन के साथ फिर से बातचीत करने की भी बात कही. हालांकि उन्होंने सख्त लहजे में ये भी कहा कि बातचीत के दौरान कब्जे में लिए गए इलाकों पर चर्चा नहीं होगी.
रूस अपने पड़ोसी के क्षेत्र पर कब्जा नहीं कर सकता
रूस के आक्रामक हमले के बाद अमेरिका ने पलटवार किया. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी (पश्चिम देश) व्लादिमीर पुतिन की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं. पुतिन की हरकतें इस बात का संकेत हैं कि वे संघर्ष कर रहे हैं. वे अपने पड़ोसी (यूक्रेन) के क्षेत्र पर कब्जा नहीं कर सकते और न ही इससे बच सकते हैं. हम यूक्रेन को सैन्य उपकरण मुहैया कराना जारी रखेंगे.
यूक्रेन युद्ध: रूस बोला- जैसे भारत को लूटा, रूस को भी लूटना चाहते हैं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि मध्य युग में पश्चिम ने अपने औपनिवेशिक शासन की शुरुआत की. अमेरिका के लोगों का नरसंहार, भारत और अफ्रीका की लूट, चीन के खिलाफ युद्ध, अफीम युद्ध. पश्चिम ने पूरे देश को ड्रग्स पर निर्भर बनाकर पूरे समूहों का नरसंहार कर दिया. वे जानवरों की तरह लोगों का शिकार करते थे. यही सबके लिए पश्चिमी देश रूस को 'कॉलोनी' बनाना चाहते हैं. ये मनुष्य की प्रकृति, सत्य, स्वतंत्रता और न्याय के विपरीत था. हमें गर्व महसूस होता है कि 20वीं सदी में हमारे देश ने उपनिवेशवाद विरोधी आंदोलन का नेतृत्व किया, जिससे कई देशों को स्वतंत्रता मिली.
रूस ने यूक्रेन के चार क्षेत्रों पर कब्जा किया

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