
MP को बीमारू दर्जे से छुटकारा दिला चुके शिवराज सिंह चौहान अब संभालेंगे कृषि मंत्रालय, क्या-क्या चुनौतियां सामने?
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मोदी 3.0 में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहन को कृषि मंत्रालय की कमान दी गई. किसान आंदोलन और कई सारी पेचीदगियां देखते हुए ये काफी बड़ी जिम्मेदारी है. शिवराज सिंह चौहान के सफल ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए पहले ही अंदाजा लगाया जा रहा था कि उन्हें ये चुनौतीपूर्ण विभाग दिया जा सकता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट में विभागों का बंटवारा हो चुका. इसमें शिवराज सिंह चौहान की काफी चर्चा है. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री को एक साथ दो जिम्मेदारियां मिली हैं, कृषि और ग्रामीण विकास विभाग. सीएम रहते हुए चौहान ने अपने राज्य में खेती-किसानी से जुड़े कई ऐसे काम कर डाले, जिनकी वजह से उन्हें ये अहम जिम्मा मिला.
प्रधानमंत्री दे चुके थे इशारा
पीएम नरेंद्र मोदी चुनावों के दौरान लिखे एक पत्र में खेती-किसानी में योगदान के लिए शिवराज सिंह की खुलकर तारीफ की थी. उन्होंने कहा था कि चौहान के समय में मप्र बीमारू स्टेट से निकलकर सबसे आगे खड़े राज्यों में आ गया. उनकी दूरदर्शी नीतियों से किसानों के जीवन में बड़े अहम बदलाव आए. मोदी के पत्र के मजमून को तभी इससे जोड़कर देखा जा रहा था कि राज्य के पूर्व सीएम को कैबिनेट में इसी तरह की भूमिका मिल सकती है.
देश की तुलना में काफी बढ़िया रहा पैदावार का औसत
साल 204 से लेकर अगले 10 सालों के दौरान मध्यप्रदेश में खेती से जुड़ी उपजों की ग्रोथ का औसत 6.5 प्रतिशत रहा. वहीं देश की सालाना एग्रीकल्चरल ग्रोथ 3.7 ही है. 65 साल के शिवराज सिंह चौहान को इसका श्रेय मिलता है, जो साल 2005 से दिसंबर 2023 तक राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर काम करते रहे, सिवाय बीच में एक छोटे ब्रेक के.

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