
Mangal Shukra Threat: युद्ध को मंगल और तेल-गैस को लगेगी शुक्र की नजर! क्या और गहराएगा संकट?
ABP News
Mangal Shukra Threat: करीब 25 दिनों से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग जारी है. इस बीच शुक्र और मंगल जैसे ग्रहों की स्थिति भी अच्छे संकेत नहीं दे रही है. जानें क्या संकट और गहराएगा या मिलेगी राहत.
Mangal Shukra: मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध व तनाव अब दुनियाभर के लिए संकट बन चुका है. युद्ध के दौरान तेल-गैस की आपूर्ति की समस्या गहराने लगी है. इस बीच ग्रहों की स्थिति भी कुछ ऐसी बन रही है, जिसने वैश्विक स्तर पर चिंता की घंटी बजा दी है.
26 मार्च 2026 को शुक्र ग्रह का गोचर मेष राशि में होगा, जो मंगल की राशि है और यहां पहले से ही मंगल ग्रह मौजूद है. ज्योतिष में शुक्र और मंगल की युति को ऊर्जा, टकराव और संसाधनों को लेकर प्रतिस्पर्धा का संकेत माना जाता है. जानकारों की मानें तो, मंगल और शुक्र ग्रह की युति और मौजूद स्थिति युद्ध, आर्थिक संकट को और गंभीर बना सकता है. इसलिए इसे हमें चेतावनी के रूप में देखना चाहिए, क्योंकि शुक्र और मंगल की स्थिति वर्तमान में एक भयावह तस्वीर को पेश करती है, जिसका सीधा संबंध युद्ध और ऊर्जा संसाधनों से जुड़ा है.
मिडिल ईस्ट युद्ध पर मंगल का विनाशकारी प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मेष राशि अग्नि तत्व की राशि है और इसका स्वामी मंगल ग्रह है, जो युद्ध, सैन्य शक्ति, अक्रामकता और संघर्ष का कारक है. मौजूदा समय में मंगल मेष राशि में उपस्थित है, जिससे मंगल का प्रभाव मजबूत हो गया है, जो वर्तमान में विनाशकारी घटना और हिंसा का कारण बन सकता है. मंगल जब प्रभावी होता है तो सीमाओं पर तनाव, सैन्य गतिविधियों में तेजी और राजनीतिक बयानबाजी बढ़ने के संकेत मिलते हैं.













